यूपी में चार कत्ल और सुसाइड मामले में नई जानकारी सामने आई है। मृतक सत्यवीर का विवाह तीनों छोटे भाइयों की शादी के बाद हुआ था। यह शादी करीब 15 वर्ष पूर्व हुई थी। इस शादी के बाद से ही सत्यवीर के परिवार में अनबन की स्थिति बन गई।
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kasganj murder and suicide
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कासगंज में आर्थिक तंगी का सामना करने वाले सत्यवीर के जीवन में चुनौतियों ने पीछा नहीं छोड़ा। सत्यवीर अपने भाइयों में सबसे बड़ा था, लेकिन उसकी शादी तीनों छोटे भाइयों की शादी के बाद हुई थी। सत्यवीर की शादी होने के बाद ही पिता और भाइयों के बीच अच्छा तालमेल नहीं रहा।
सत्यवीर के साढ़ू नंद किशोर ने बताया कि चार भाइयों के बीच सत्यवीर बड़े थे। तीन अन्य भाइयों में सतीश, संतोष, देशराज उनसे छोटे थे। तीनों छोटे भाइयों की शादी सत्यवीर की शादी से पहले हो गई थी। उन्होंने बताया कि बाद में सत्यवीर की शादी रामश्री से हुई।
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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
'परिवार के लोग नहीं चाहते थे कि सत्यवीर शादी करे'
यह शादी करीब 15 वर्ष पूर्व हुई थी। इस शादी के बाद से ही सत्यवीर के परिवार में अनबन की स्थिति बन गई। परिवार के लोग नहीं चाहते थे कि सत्यवीर शादी करे क्योंकि शादी के बाद परिवार की संपत्ति पर उसका व उसके वारिसों का हक बन जाएगा।
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आत्महत्या करने वाले परिवार के घर में बुझा चूल्हा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाइयों में संपत्ति का बंटवारा हुआ
यह परिस्थितियां पारिवारिक विवाद की वजह बनी हुई थी। भाइयों में संपत्ति का बंटवारा हुआ। कुल 12 बीघा जमीन सत्यवीर के पिता नेम सिंह की थी। आपसी बंटवारे में 3-3 बीघा जमीन सभी भाइयों को दे दी गई जिस पर सभी अपनी खेती कर रहे थे।
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मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता ने शुरू कर दी थी सत्यवीर की जमीन पर खेती
सत्यवीर के हिस्से के खेत पर पिता नेम सिंह ने खेती करना शुरू कर दिया था। पिछले वर्ष अक्तूबर माह में पिता ने सत्यवीर के खेत में फसल बो दी। इस पर सत्यवीर ने पिता से शिकायत भी की, लेकिन पिता ने अपने खर्चे पानी का वास्ता दिया।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस बात से सत्यवीर आहत था। सत्यवीर के चाचा ससुर हरपाल ने बताया कि ऐसी परिस्थितियां सत्यवीर को तनाव दे रहीं थीं। उसके पिता और भाई सत्यवीर को सहयोग नहीं करते थे जबकि अन्य भाइयों की मदद करते थे।
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दंपती का किया अंतिम संस्कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता बोले- जमीन के बंटवारे को लेकर नहीं था कोई विवाद
मृतक सत्यवीर के पिता नेम सिंह ने बताया कि परिवार में जमीन के बंटवारे को लेकर कोई विवाद नहीं था। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं हो सकी। पड़ोसी, मोहल्ले वालों को भी नहीं पता। बच्चे की बीमारी से परेशान था, उसका आगरा से इलाज चल रहा था। अगर आर्थिक समस्या का पता होता तो लाख-दो लाख की मदद की जाती।
उसने कभी पैसों के लिए कहा ही नहीं। जब घर जाता था तो छोटे भाइयों से बोलता-चालता था। भाइयों से भी पैसों के लिए जिक्र नहीं किया। जबकि पड़ोसी से रुपये ले लिए थे, बच्चे के इलाज के लिए। मैंने उसके खाते में पौने चार लाख रुपये डाल दिए थे।
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परिवार की मौत के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन पैसों का पता नहीं चला कि कहां चले गए। अब उसके खाते में एक भी रुपये नहीं थे। भाई संतोष ने बताया कि सत्यवीर ने बच्चे की बीमारी के बारे में उन्हें खुलकर नहीं बताया था। उन्हें बीमारी के चलते आर्थिक तंगी का पता होता तो जरूर मदद करते।
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ट्रैक्टर ट्रॉली में शव रखते परिजन व अन्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह था पूरा मामला
कासगंज के अमांपुर के एक परिवार के पांच लोगों के शव एक घर में मिलने से सनसनी फैल गई। दिल दहलाने वाली घटना पर मौके पर पहुंची पुलिस के मुताबिक घर के मुखिया ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों की जान लेने के बाद फंदे पर लटकर अपनी जान दे दी। पड़ोसियों और परिजन से बातचीत के बाद डीआईजी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि इस वारदात के पीछे प्रथम दृष्टया आर्थिक तंगी का कारण सामने आया है। परिवार के लोगों की मौत तीन दिन पहले हुई है। घटना से पहले मृतक मुखिया ने घर के दरवाजे अंदर से बंद कर लिए और एक दरवाजे पर ताला भी लगा दिया। इसके बाद पत्नी बच्चों की जान लेकर फंदा लगा लिया।
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शवों के पीछे दौड़ते हुए परिजन व ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस घटना में सत्यवीर (45), उसकी पत्नी रामश्री (40), उसकी बड़ी बेटी प्राची (14), आकांक्षा (13) एवं बेटा गिरीश (10) के शव पुलिस ने बंद घर से बरामद किए। शनिवार शाम साढ़े छ: बजे बंद घर में परिवार के मुखिया सत्यवीर व अन्य परिजनों के मृत होने की सूचना पुलिस मिली। पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। चूंकि घर अंदर से बंद था इसलिए पुलिस प्रवेश नहीं कर सकी।
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परिवार की मौत के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस पर एसपी ने फॉरेंसिक टीम व डॉग स्क्वायड को मौके पर भेजा और वीडियोग्राफी कराकर बंद मकान का दरवाजा कटवाया। घर के अंदर सत्यवीर का शव छत के कुंदे पर साड़ी के फंदे पर लटका मिला जबकि पत्नी रामश्री का शव दूसरे स्थान पर पड़ा हुआ था उसके गले पर निशान भी पाया गया। दोनों बेटी और बेटे के मुंह से झाग निकल रहे थे। बड़ी बेटी प्राची के मुंह से खून भी निकला था।
शवों के पीछे दौड़ते हुए परिजन व ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पड़ोसियों ने बताया कि सत्यवीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और उसका घर भी इस तरह की गवाही दे रहा था। उसके घर का चूल्हा बुझा पड़ा था। आस पास बर्तन भी दिखाई नहीं दिए। वहीं कुछ लोगों ने यह भी बताया कि सत्यवीर के बेटा गिरीश पिछले काफी समय से बीमार चल रहा था। जिसके कारण न वह धंधा कर पा रहा था और वह आर्थिक बोझ से दबा हुआ था।