देश भर में अभी पद्मावत को लेकर संग्राम थमा नहीं था कि सांप्रदायिकता की आग में कासगंज जलने लगा। दो दिन से चल रहे इस बवाल में जिला प्रशासन और पुलिस की बड़ी चूक सामने आ रही है।
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कासगंज
- फोटो : अमर उजाला
बताया गया है कि कासगंज में गणतंत्र दिवस जैसे संवेदनशील मौके पर निकाली जा रही तिरंगा यात्रा की पुलिस को कोई जानकारी नहीं थी। न ही प्रशासन से इसकी अनुमति ली गई।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
देशभक्ति के जोश से लबरेज 40-50 युवा जब बाइक पर तिरंगा लेकर निकले तब भी पुलिस का ध्यान इस ओर नहीं गया। जिस समय यह बवाल हुआ उस समय सारा प्रशासनिक अमला पुलिस लाइन पर चल रही परेड में व्यस्त था।
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कासगंज
- फोटो : अमर उजाला
नतीजन जोशीले युवाओं की टोली मिश्रित आबादी की ओर चली गई। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि जिस समय यात्रा बड्ड नगर इलाके से गुजर रही थी, तब भी पुलिस के इंतजाम नहीं थे।
ऐसे में नारेबाजी से शुरू हुए विवाद में देखते ही देखते पथराव और फायरिंग होने लगी। इसमें एक युवक को गोली लगी। फायरिंग की सूचना पर तब तक पुलिस पहुंची तब तक पूरे प्रकरण ने सांप्रदायिक बवाल का रूप ले लिया।