जोंस मिल में जमीन खुदबुर्द करने के केस की विवेचना अब एसआईटी करेगी। एसपी सिटी के नेतृत्व में बनी एसआईटी केस से संबंधित सभी साक्ष्य संकलित करेगी। इसके बाद रिपोर्ट देगी। उधर, आरोपी रज्जो जैन और सरदार कंवलदीप सिंह अब तक पुलिस के हाथ नहीं आ सके हैं। पुलिस दबिश दे रही है। जोंस मिल स्थित सोढ़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम के पास 19 जुलाई 2020 को बम धमाका हुआ था। इससे गोदाम की दीवार ढह गई थी। इस मामले में थाना छत्ता में मुकदमा दर्ज हुआ था।
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पकड़े गए आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने रज्जो जैन सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। रज्जो जैन पर गोदाम खाली कराने के लिए साजिश करने का आरोप था। एसएसपी बबलू कुमार की रिपोर्ट के बाद जिलाधिकारी पीएन सिंह ने 29 जुलाई 2020 को जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। रज्जो जैन जमानत पर बाहर आ गया था।
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जोंस मिल की जगह
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आठ सदस्यीय कमेटी ने जोंस मिल परिसर में जमीनों खरीद-फरोख्त की जांच की। इसमें सामने आया कि जमीनों की खरीद-फरोख्त हाईकोर्ट और शासन के आदेश की अवहेलना करके की गई थी। जमीन खुर्दबुर्द करने के मामले में थाना छत्ता में लेखपाल सजल कुमार कुलश्रेष्ठ की तहरीर पर 12 फरवरी को मुकदमा दर्ज किया गया था।
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जोंस मिल के धमाके के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
राजेंद्र प्रसाद जैन उर्फ रज्जो जैन, सरदार कंवलदीप सिंह और मातंगी बिल्डर हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने हेमेंद्र अग्रवाल को जेल भेजा था। रज्जो जैन और सरदार कंवलदीप सिंह अब तक गिरफ्तार नहीं हो सके हैं। अब केस की विवेचना के लिए एसआईटी गठित की गई है।
आरोपी मोबाइल का नहीं कर रहे प्रयोग
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि एसपी सिटी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। उनके अलावा एएसपी, थाना छत्ता निरीक्षक और दो एसआई भी शामिल हैं। एसआईटी केस से संबंधित सभी साक्ष्य जुटाएगी। पुलिस ने फरार आरोपी रज्जो जैन और कंवलदीप सिंह की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी है। वह घरों से फरार हो गए हैं। अपने मोबाइल भी प्रयोग नहीं कर रहे हैं। इस वजह से पुलिस दोनों को पकड़ नहीं पा रही है। पुलिस ने कुछ रिश्तेदारों से संपर्क किया है। हालांकि उनसे भी जानकारी नहीं लग सकी है।