फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जवाहर बाग कांड: रामवृक्ष यादव को किस नेता का था संरक्षण, कैसे मजबूत की जड़ें, CBI रिपोर्ट में खुलेगा ये राज

Sun, 13 Nov 2022 08:42 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
विज्ञापन
1 of 5
रामवृक्ष यादव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
मथुरा में 2 जून 2016 की दिल दहला देने वाल जवाहर बाग कांड के पीछे की वजह क्या थीं। पूरे मामले के लिए जिम्मेदार माने जा रहे रामवृक्ष यादव के पीछे कौन था। उसके पास भारी मात्रा में हथियार कहां से और कैसे आए। बाग में वह कैसे सरकार चलाता था। उसकी महत्वाकांक्षा क्या थी। जैसे तमाम सवालों का जवाब सीबीआई की जांच में खुलने की उम्मीद है। इस कांड की कई अहम गुत्थियां स्थानीय पुलिस नहीं सुलझा पाई थी। 

कसी हुई कदकाठी और इकहरे बदन के गाजीपुर के मरदह थाने के रायपुर बागपुर गांव के रहने वाले रामवृक्ष यादव ने जब अजीबोगरीब मुद्दों को स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह संगठन को तैयार किया था, तब किसी ने सोचा था कि मथुरा में इतनी बड़ी वारदात का बीजारोपण हो रहा है। आंदोलन की रूप रेखा को वह देश की राजधानी दिल्ली की तरफ से कब मथुरा के जवाहर बाग तक ले आया, किसी को पता नहीं चला। 14 मार्च 2014 को उसने जवाहर बाग पर कब्जा कर लिया। देखते-देखते उसने अंदर एक अलग व्यवस्था बना ली। उसकी धमक इतनी हो गई कि पुलिस तक की जवाहर बाग के अंदर जाने पर रोक लग गई। हथियारों के जखीरे के अंदर होने की जानकारी जब पुलिस को हुई तब तक देर हो चुकी थी। उसके केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों के नेताओं तक संबंध थे। जिनका प्रयोग वह करता था।
विज्ञापन

2 of 5
जवाहर बाग मथुरा - फोटो : अमर उजाला

जेल में हुई तीन बंदियों की मौत  

जेल गए कुल 305 बंदियों में से तीन बंदी जेल मेें ही मर भी गए। अभियुक्तों की पैरवी करने वाले अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि जेल मेें ही तीन बंदियों की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। बहुत से लोगों को जमानत तैयार करने में बहुत मुश्किल आई थी। अब जो जेल में सात बंदी हैं उनकी जमानत तो हो चुकी है परंतु जमानती उनके पास नहीं हैं। 
विज्ञापन

3 of 5
जवाहर बाग कांड का मुख्य आरोपी रामवृक्ष - फोटो : अमर उजाला

वारदात से पहले रामवृक्ष ने दिया था हथियार चलाने का प्रशिक्षण 

रामवृक्ष ने जवाहर बाग में मौजूद लोगों को हथियारों का प्रशिक्षण तक देने की बात प्रकाश में आई है। उसने अंदर ट्रेनिंग कैंप चलाया। जिसमें नौजवानों को शस्त्र चलाने का प्रशिक्षण तक दिया गया। यहां तक कि उसने महिलाओं की फौज भी तैयार कर ली थी। पुलिस ने जवाहर बाग से तमाम हथियार बरामद भी किए। लग्जरी गाड़ियां भी उसके पास थीं। 

4 of 5
जवाहर बाग कांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

नौजवानों की भर्ती तक निकाली

अपनी मजबूती के लिए रामवृक्ष यादव ने नौजवानों की भर्ती तक निकाली। प्रत्येक नौजवान को पांच हजार रुपये और मकान देने का वायदा उसने किया था। पहले वह गाजीपुर या पूर्वी क्षेत्र से लोगों को बुलाता था और जब एक दफा कोई जाता था तो फिर उसे जाने नहीं देता था बल्कि उसके सहारे से और भी लोगों को बुलवा लेता था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
मथुरा के जवाहर बाग में फैली हिंसा - फोटो : Amarujala

क्या था मामला

2 जून 2016 को जवाहर बाग मेें कब्जाधारियों को हटाने के दौरान हुई वारदात में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, थानाध्यक्ष संतोष यादव समेत 29 लोग मारे गए थे। इस संबंध में सीबीआई जांच कर रही है। सीबीआई 24 नवंबर को हाईकोर्ट को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें