कोरोनावायरस से बचाव के लिए विदेशी पर्यटकों की स्क्रीनिंग होगी, लेकिन चार देशों के पर्यटकों विशेष रूप से सर्विलांस पर रखा जाएगा। इनकी यात्रा की ट्रैकिंग भी की जाएगी। इसके लिए होटल संचालकों को भी निर्देशित कर दिया है।
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ताजमहल पर मास्क पहने सैलानी
- फोटो : अमर उजाला
स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइड लाइन के मुताबिक इटली, चीन, ईराक और ईरान के पर्यटकों पर विशेष नजर रखी जाएगी। इनकी स्क्रीनिंग कर नमूने लिए जाएंगे। इनकी यात्रा की ट्रैकिंग भी की जाएगी। इसकी रिपोर्ट बनाई जाएगी। इन देशों की यात्रा करने वाले लोगों की भी स्क्रीनिंग होगी।
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
लोगों से भी अपील की गई है कि इन देशों की पिछले 14 दिन में यात्रा की हो तो इसकी जानकारी विभाग में जरूर दें। एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती अग्रवाल ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइन के मुताबिक इन चार देशों के पर्यटक और इनकी यात्रा करने वालों को सर्विलांस पर रखा गया है। क्योंकि इन देशों में कोरोना वायरस के मामले ज्यादा पाए जा रहे हैं।
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मॉस्क लगाए पर्यटक
- फोटो : Amar Ujala
कोरोनावायरस के चीन के बाद इटली में बढ़ रहे केस से ताजनगरी के पर्यटन उद्यमियों में दहशत का माहौल है। आगरा से गए इटली के पर्यटकों और ताजनगरी के ही सात लोगों को संक्रमण के बाद यह दहशत और बढ़ गई है। अब आलम ये है कि अतिथि देवो भव: से स्वागत करने वाले होटल कर्मचारी इटली के पर्यटकों से नमस्ते ही कर रहे हैं। अन्य देशों के ऐसे पर्यटक, जो इटली घूमकर आ रहे हैं, उनकी ट्रेवल हिस्ट्री पर पूछताछ कर रहे हैं।
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ताजमहल
- फोटो : Amar Ujala
इटली के सैलानियों को अपने होटलों में ठहराने से न केवल मैनेजर, बल्कि संचालक भी बच रहे हैं। पहले से हुई बुकिंग तो कैंसल हो ही रही हैं, लेकिन जो ग्रुप जयपुर या दिल्ली समेत अन्य शहरों से सीधे आगरा आ रहे हैं, उन्हें भी कमरे नहीं दिए जा रहे। भारत सरकार ने राजस्थान सरकार से कहा है कि वह पर्यटकों को लौटाएं नहीं।
शहर के पर्यटन उद्यमियों के बीच यह पत्र सोशल मीडिया पर घूम भी रहा है, लेकिन होटल संचालकों में दहशत का आलम ये है कि रिसेप्शन पर ही वह इटली के सैलानियों को कमरा देने से मना कर रहे हैं। संक्रमण का खौफ कर्मचारियों में ज्यादा है।