बर्फीले तूफान की चपेट में आने से शहीद हुए मथुरा के सैनिक सतवीर सिंह नौहवार का पार्थिव शरीर मंगलवार को उनके पैतृक गांव खाजपुर पहुंचा। यहां उनका सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। छह साल के मासूम चिराग ने शहीद पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के समय पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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शहीद जवान सतवीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि रविवार सुबह जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना की 16वीं जाट रेजीमेंट कोर की एक सैन्य टुकड़ी एलओसी पर टंगडार (कुपवाड़ा) के निकट ग्लेशियर पर निगरानी कर रही थी। तभी अचानक आए तूफान से एक बर्फीली चट्टान सेना के जवानों के ऊपर गिर गई। इसमें नौहझील के गांव खाजपुर के लाल सतवीर नौहवार (38), पुत्र स्वर्गीय देवी सिंह शहीद हो गए।
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गमजदा शहीद का परिवार
- फोटो : अमर उजाला
सैनिक का पार्थिव शरीर आने के बाद मां प्रेमदेवी, पत्नी नीरज देवी और बेटी अंशुल व बेटे चिराग का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उनके पार्थिव शरीर सेना के वाहन से गांव खाजपुर पहुंचा।
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शहीद का पार्थिव शरीर लाया गया गांव
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार शाम से ही ग्रामीण शहीद के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे थे। मंगलवार की सुबह जैसे ही शहीद सतवीर सिंह का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, युवा तिरंगा लहराते हुए भारत माता के जयकारे लगाने लगे। शहीद के अंतिम दर्शन को सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे हैं।
शहीद के परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। बेटे की शहादत पर हर आंख नम हैं। प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि भी गांव पहुंचे। गांव के बाहर सैनिक सम्मान के साथ शहीद सतवीर सिंह का अंतिम संस्कार किया गया। छह साल के बेटे चिराग ने पिता को मुखाग्नि दी।