इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अपनी 14 सूत्रीय मांगों के लिए आज देश भर में हड़ताल पर है। ऐसे में इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार किया गया है। आगरा में भी सुबह तोता के ताल स्थित आईएमए कार्यालय पर चिकित्सक धरना दे चुके हैं। इसके बाद डीएम को ज्ञापन दिया जाना है।
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डाक्टरों की हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
लेकिन निजी डाक्टरों की हड़ताल के चलते आगरा में मरीजों का बुरा हाल है। फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा जिले में भटकने के बाद मरीज आगरा आए तो यहां भी डाक्टरों के क्लीनिक के बाहर भटकते रहे। 45 डिग्री तापमान और 13 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही लू में तीमारदार भी परेशान रहे।
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि मंगलवार की हड़ताल के चलते सरकारी अस्पतालों में पहले ही अलर्ट जारी हो गया था। सोमवार को आगरा के एसएन मेडिकल कालेज की प्राचार्य डा. सरोज सिंह ने बताया कि ओपीडी में पूरी व्यवस्था है। इमरजेंसी के स्टाफ को भी आगाह कर दिया है। लेकिन, सुबह होते ही उनके दावे खोखले साबित हो गए।
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : रामेश्वर दास
एसएन इमरजेंसी में व्यवस्थाओं का ये आलम रहा कि बस इंसानियत का जनाजा ही निकल गया। मंगलवार को एसएन इमरजेंसी के बाहर एक लाश सुबह से पड़ी रही लेकिन अस्पताल के किसी स्टाफ का इस ओर ध्यान नहीं गया। हालांकि सोमवार को जो दृश्य एसएन मेडिकल कालेज में दिखा, उसके बाद तो मंगलवार को भी कुछ उम्मीद की ही नहीं जा सकती थी।
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : प्रशांत कुमार
सोमवार को एसएन मेडिकल कालेज में ही तीमारदार अपने मरीज को खुद स्ट्रेचर पर ढोकर ले जा रहे थे। उनसे पूछा गया तो बोले एक्सरे कराना है। कोई स्टाफ लाने को तैयार नहीं हुआ तो खुद ही स्ट्रेचर खींच कर ले आए।
और इतना ही नहीं स्ट्रेचर का भी ये हाल था कि उसका एक पहिया ही गायब था। सोमवार को सीएमओ डा. बीएस यादव भी कह रहे थे कि इमरजेंसी सेवाएं चौकस करा दी हैं लेकिन अमर उजाला के कैमरे में जो कैद हुआ। उसने सबकी हकीकत खोल के रख दी।