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ताजमहल देखने आ रहे हैं तो ऐसे लोगों से रहें सावधान, पार्किंग से स्मारक के गेट तक फैला है जाल

Sun, 15 Sep 2019 01:02 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
विश्वदाय स्मारक ताजमहल पर्यटकों को जितना आकर्षित करता है, यहां की व्यवस्थाएं उतना ही इसे बदनाम कर रही हैं। पर्यटक बिना किसी अड़चन के इसका दीदार करके लौट जाए, ऐसा संभव नहीं। पार्किंग पर अपने वाहन से उतरने से लेकर स्मारक में प्रवेश करने तक और यहां से निकलने के बाद पार्किंग तक पहुंचने तक, लपके और हॉकर उसे अपनी तरफ खींच-खींचकर परेशान कर देते हैं। कई बार तो पर्यटक झल्ला जाते हैं।
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पर्यटकों को परेशान करते लपके - फोटो : अमर उजाला
विदेशी पर्यटकों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ताजमहल के दीदार के सुखद अनुभव के बीच लपकों का जाल उन्हें यहां के कटु अनुभव भी साथ ले जाने को मजबूर कर रहा है। पर्यटकों के साथ खुली लूट हो रही है। 30 रुपये वाला ताजमहल का छोटा सा मॉडल 300 रुपये में और 60 रुपये वाला सूखा पेठा 400 रुपये किलो में बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं पार्किंग ही पर्यटक बेचे जा रहा है। 
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पर्यटकों को सामान बेचने की कोशिश करता हॉकर - फोटो : अमर उजाला
शनिवार को पार्किंग प्रवेश गेट से 20 मीटर दूर एक पेड़ के नीचे लपकों और हॉकरों का झुंड एकत्रित था। व्यावसायिक नंबर वाली कार जैसे ही पार्किंग में खड़ी होती है। तीन-चार लपके पर्यटक को घेर लेते हैं। कोई ताजमहल के बाद शॉपिंग कराने का झांसा देता है तो कोई बैटरी रिक्शा वाला 500 मीटर की दूरी के लिए 320 रुपये मांगता है। पर्यटक इनके चंगुल से छूटकर बड़ी मुश्किल से निकल पाया।

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ताजमहल के बाहर सैलानी (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
टिकट विंडो के आसपास ही लपके सक्रिय हैं। पर्यटक के पहुंचते ही वह उसे घेर लेते हैं। वे न सिर्फ ताजमहल घुमाने का आफर देते हैं बल्कि भीड़ अधिक होने पर जुगाड़ से टिकट लाकर देने का भी आश्वासन देते हैं। हॉकरों का यहां भी पूरा जाल फैला है। छोटे-छोटे बच्चे भी हाथों में सामान लेकर बेच रहे हैं।
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पर्यटक को सामान बेचने की कोशिश करता हॉकर - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की मिलीभगत से ताजमहल पर पर्यटकों के साथ खुली लूट हो रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुरानी मंडी चौराहा से सर्किट हाउस वाली रोड पर कुछ दबंगों ने फुटपाथ को ही पार्किंग बना दिया है। यहां प्रतिदिन 600 के आसपास गाड़ियों की पार्किंग कराई जा रही है। यहां उनके लपके भी सक्रिय हैं।
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पार्किंग में पर्यटक को सामान बेचने की कोशिश करते हॉकर - फोटो : अमर उजाला
पार्किंग पर लपके या हॉकर ऐसे ही नहीं घूमते। इन्हें पार्किंग ठेकेदार को मोटा कमीशन देना पड़ता है। ठेकेदार इनका ठेका उठाता है। लपके के रूप में घूमने वाले कई युवक किसी शोरूम के एजेंट होते हैं। ठेकेदार 40 हजार रुपये में इसका ठेका देता है। इसमें गाइड का हिस्सा भी शामिल होता है। प्रति हॉकर प्रतिदिन ठेकेदार को 200 रुपये देता है। 
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ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
लपकाशीट बनाई जाएगी- सीओ ताज सुरक्षा 
सवाल : ताजमहल की पार्किंग से गेट तक लपकों का राज है। अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? 
जवाब : लपकों की धरपकड़ का अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस भी तैनात रहती है। 
सवाल : हर बार अभियान चलाया जाता है। मगर, फिर से लपके क्यों आ जाते हैं? सख्त कार्रवाई क्यों नहीं होती? 
जवाब : लपकों को शांति भंग में जेल भेजा जाता है। वह जमानत पर छूटते हैं। इसके अलावा भी पाबंद करने की कार्रवाई की जा रही है। चौथ मांगने के आरोप में भी जेल भेजा जा रहा है। 
सवाल : ताजमहल पर लपकों और हॉकरों से कब मुक्ति मिलेगी? 
जवाब : लपकों की धरपकड़ के लिए सघन अभियान चलाया जाएगा। इनकी लपकाशीट भी बनाई जाएगी। अभी और लपकों को चिह्नित किया जा रहा है। 
- मोहसिन खान, सीओ ताज सुरक्षा
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