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UP: आईएसआईएस का तरीका... कनाडा और अमेरिका से फंडिंग, यहां बुर्का पहने मिलीं धर्मांतरण की शिकार दो सगी बहनें

Sun, 20 Jul 2025 01:49 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

अवैध धर्मांतरण कराने वाले गिरोह को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। कनाडा, अमेरिका समेत कई और देशों से फंडिंग के सुबूत मिले हैं। आईएसआईएस के स्टाइल में हिंदू लड़कियों को जाल में फंसाते थे। 
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Illegal conversion - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अवैध धर्मांतरण कराने वाले गिरोह को कनाडा, अमेरिका समेत कई और देशों से फंडिंग मिलने के सुबूत मिले हैं। गिरोह के आरोपी आईएसआईएस के स्टाइल में भोली-भाली हिंदू लड़कियों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर जाल में फंसाते थे। आगरा की सगी बहनें भी इन्हीं सपनों में धोखे का शिकार हो गईं। उन्हें कोलकाता ले जाकर मुस्लिम बस्ती में रखा गया था। पुलिस जब वहां पहुंची तो विरोध का सामना करना पड़ा। दोनों बहनें बुर्का पहने हुए थीं। हालांकि, पूरी तैयारी के साथ पहुंची पुलिस ने दोनों बहनों को मुक्त कराया। साथ ही अलग-अलग जगह से 10 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया।
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धर्मांतरण के आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार मई को दो बहनों के अपहरण का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। उनके संपर्क में आए सभी लोग पुलिस के रडार पर थे। किन-किन लोगों ने दोनों से संपर्क किया था। कहां-कहां लेकर गए यह सब पता किया जा रहा था। पुलिस को साइबर सेल और सर्विलांस की मदद से दोनों की गूगल लोकेशन मिली। इस पर टीम को कोलकाता भेजा गया।
 
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आरोपियों को कोर्ट में ले जाती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सबसे पहले पुलिस उस घर तक पहुंचने में सफल रही, जिसमें दोनों बहनें रहती थीं। पुलिस ने पहले इस बात की पुष्टि की, जिन्हें अपहरण कर यहां लाया गया है, वह दोनों वही हैं। इसका पता चलने पर ही 24 घंटे बाद पुलिस पहुंची। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो दोनों बुर्का पहनकर घर से बाहर निकलीं। पुलिस ने दोनों को बरामद करने के बाद ले जाने का प्रयास किया तो बस्ती के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया मगर पुलिस की तैयारी इतनी थी कि कोई कुछ नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस दोनों बहनों और कोलकाता से गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आगरा ले आई।

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धर्मांतरण गिरोह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नाबालिग बहनों के धर्मांतरण के मामले में छह राज्यों से 10 आरोपी गिरफ्तार
आगरा के सदर क्षेत्र की रहने वाली दो सगी नाबालिग बहनों के अपहरण और धर्मांतरण के मामले में आगरा पुलिस ने शनिवार को बड़ा खुलासा करते हुए छह राज्यों से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। धर्मांतरण गिरोह से जुड़े सभी आरोपी नाबालिग लड़कियों को साजिश का शिकार बनाते थे। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से 10 दिन की रिमांड मिल गई। यह गिरोह छांगुर बाबा गिरोह से अलग है।
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कोर्ट परिसर में रही सुरक्षा पुख्ता। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
24 मार्च 2021 को सदर क्षेत्र निवासी दो सगी बहनें घर से गायब हो गई थीं। इस मामले में आगरा पुलिस को कई सुराग मिले। जिसके बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और एटीएस ने मिलकर कोलकाता से शुक्रवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। 

 
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छह राज्यों से पकड़े आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद शनिवार को पुलिस ने एक युवती सहित आठ अन्य आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। धर्मांतरण कराने वाले इस गिरोह के तार अमेरिका, कनाडा सहित कई देशों तक फैले हुए हैं। इस गिरोह के तार आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े होने के साक्ष्य भी पुलिस को मिले हैं।

 
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आगरा धर्मांतरण केस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों में कम उम्र की लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर, लव जिहाद एवं अन्य तरीकों से प्रभावित कर धर्मांतरण का काम किया जा रहा था। गिरोह के काम करने का तरीका आतंकी संगठन आईएसआईएस के सिग्नेचर स्टाइल में था। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल एक पीड़िता की तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें वह धर्मांतरण और कट्टरपंथ के बाद एके-47 के साथ नजर आ रही है। इससे आईएसआईएस से जुड़े होने के संकेत मिल रहे हैं।
 

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Illegal conversion - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोनों बहनों को बरामद करने के बाद आरोपियों को दबोचा
सदर थाना क्षेत्र की रहने वाली पंजाबी समाज की दो सगी बहनों में एक की उम्र 33 और दूसरे की 18 वर्ष है। दोनों बहनों की तलाश के लिए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने एडीसीपी सिटी आदित्य के नेतृत्व में सात टीमें बनाई गई थीं। सर्विलांस, साइबर सेल से जानकारी मिली कि दोनों बहनें धर्मांतरण वाले गिरोह के जाल में फंस गई हैं। पुलिस कोलकाता के बैरकपुर पहुंची। दोनों बहनों के बारे में जानकारी जुटाकर उन्हें बरामद कर लिया। इसके बाद बारासात की अदालत में काम करने वाले आरोपी शेखर राय उर्फ हसन अली को गिरफ्तार किया।

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Illegal conversion - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने बैरकपुर के माणिकरामपुर में दबिश दी। वहां से रीत बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद पुलिस दोनों को आगरा ले आई। वहीं एटीएस ने देहरादून के शंकरपुर निवासी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ करने पर पता चला कि उसने भी धर्मांतरण कराया है। तब पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में दबिश देकर सात और आरोपियों को गिरफ्तार किया।

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Illegal conversion - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यूपी समेत छह राज्यों से पकड़े गए आरोपी
आरोपी            राज्य

आयशा उर्फ एसबी कृष्णा - गोवा
अली हसन उर्फ शेखर राय - कोलकाता (पश्चिम बंगाल)
ओसामा - कोलकाता
रहमान कुरैशी - आगरा
अब्बू तालिब - खालापार, मुजफ्फरनगर (यूपी)
अबुर रहमान - देहरादून (उत्तराखंड)
मोहम्मद अली - जयपुर (राजस्थान)
जुनैद कुरैशी - जयपुर
मुस्तफा उर्फ मनोज - दिल्ली
मोहम्मद अली - जयपुर

 
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Illegal conversion - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कोर्ट को पुलिस ने बनाया छावनी
धर्मांतरण के आरोप में अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों को आगरा लेकर आई थी। उन्हें शनिवार शाम 4:35 बजे दीवानी में सीजेएम की कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। दीवानी परिसर को पूरी तरह से खाली करा लिया गया था। कई थानों की पुलिस ने घेरा बनाकर आरोपियों की पेशी कराई। पेशी के बाद पुलिस को आरोपियों की 10 दिन की रिमांड मिल गई।


फोर्स देख अधिवक्ता भी हुए हैरान
दीवानी परिसर में शनिवार दोपहर को अचानक कई थानों के पुलिस फोर्स के साथ एसएसएफ ने मोर्चा संभाल लिया। शाम करीब चार बजे चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी को तैनात कर दिया गया। अधिवक्ता भी अचानक भारी फोर्स देखकर हैरान हो गए और कयास लगाने लगे। कड़ी सुरक्षा के बीच धर्मांतरण गैंग के आरोपियों को कोर्ट लाया गया। गाड़ी से उतारने के बाद आरोपियों को कोर्ट परिसर तक लाने के लिए पुलिस ने दोनों तरफ सुरक्षा घेरा बनाया। पुलिस ने कोर्ट में बताया कि छह राज्यों में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा है।


गैंग ने बड़ी संख्या में हिंदू युवतियों का धर्मांतरण कराया है। इस गैंग की हकरतों से देश की सुरक्षा को खतरा है। गैंग के तार पाकिस्तान तक से जुड़े हुए हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ की जरूरत है। पूछताछ के लिए रिमांड जरूरी है। सभी आरोपियों से पूछताछ के बाद दबिश के लिए अलग-अलग प्रदेशों में जाना पड़ेगा। इसके लिए दस दिन की कस्टडी रिमांड की मांग की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुलिस रिमांड स्वीकृत कर दी। कड़े सुरक्षा घेरे में आरोपियों को पुलिस अपने साथ सेफ हाउस में लेकर गई।
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