मथुरा में थाना हाईवे के गांव मोहनपुरा अड़ूकी में बुधवार को पुलिस एनकाउंटर में बच्चे की मौत के बाद पुलिस वालों का अमानवीय चेहरा सामने आया है। इससे साफ जाहिर होता है गोली लगने के बाद घायल बच्चे को मारने में पुलिसवालों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। वे उसे बीच में ही छोड़कर भाग गए।
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मौके पर पहुंचे अाईजी अागरा
- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को मामले की जांच के लिए गांव अड़ूकी पहुंचे आईजी आगरा रेंज राजा श्रीवास्तव ने बताया कि फायरिंग की सूचना पर थाना हाईवे पुलिस की दो टीम गांव में आई थीं। टीम में शामिल पुलिसकर्मियों ने बदमाशों की घेराबंदी के बाद उन्हें पकड़ने के लिए फायर कर दिया। इसी दौरान चली गोली बच्चे को लगी।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
आईजी ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या यही लग रहा है कि बच्चे की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई है। ऐसे में आरोपी दरोगा वीरेंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस को अभी वह बुलेट नहीं मिली जिससे बच्चे की मौत हुई।
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मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इसके साथ ही आईजी ने मौके पर क्राइम सीन दोहराने और घटनास्थल के निरीक्षण के बाद बताया कि पूरे प्रकरण में पुलिसकर्मियों पर आरोप यह भी लग रहा है कि बच्चे को गोली लगने के बाद पुलिस वाले उसे गांववालों के साथ जीप में अस्पताल ले जा रहे थे।
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मौके पर पहुंचे अाईजी अागरा
- फोटो : अमर उजाला
लेकिन साथ जा रहे पुलिसकर्मियों ने घायल बच्चे और गांव वालों को बीच में ही उतार दिया। इससे बच्चे को इलाज मिलने में देरी हुई और उसकी मौत हो गई। इसकी भी जांच की जा रही है। मामले में दरोगा सौरभ शर्मा, सिपाही उधम सिंह और सुभाष को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं आईजी ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराने के लिए भी कहा है। इसके अलावा आईजी ने पीड़ित परिवार से भी मुलाकात की और उन्हें निष्पक्ष के बाद दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया।