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न एंबुलेंस मिली और न स्ट्रेचर, बीमार पत्नी को रिक्शा पर लाया, गोद में उठाकर आठ मंजिल चढ़ा

Sun, 28 Jul 2019 02:11 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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बीमार पत्नी को ले जाता पति - फोटो : अमर उजाला
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्था की शर्मसार करने वाली एक और तस्वीर सामने आई है। गंभीर हालत की मरीज को एंबुलेंस नहीं मिली और न ही स्ट्रेचर। ऐसे में पति को अपनी बीमार पत्नी को मालवाहक रिक्शा पर लिटाकर जांच के लिए अस्पताल लाना पड़ा। यहां स्ट्रेचर नहीं मिला तो उसे बीमार पत्नी को गोद में उठाकर आठ मंजिल पर स्थित अल्ट्रासाउंड कक्ष में ले जाना पड़ा। 
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अधिकारी बोले- पता कराता हूं

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ढकेल पर बीमार पत्नी को लेकर पहुंचा पति - फोटो : अमर उजाला
आजमपाड़ा निवासी समीर सैयद की पत्नी रिजवाना बेगम (25) का घड़ी वाली इमारत में इलाज चल रहा है। तेज बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ की शिकायत है। शनिवार को उनका अल्ट्रासाउंड होना था। डॉक्टर से स्ट्रेचर और वार्ड ब्वाय की व्यवस्था कराने को कहा तो अनसुना कर दिया। जब कोई मदद नहीं मिली तो पति ने रिश्तेदार को फोन कर रिक्शा मंगवाई। 
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बीमार पत्नी को गोद में उठाकर ले जाता पति - फोटो : अमर उजाला
रिक्शा पर अस्पताल लेकर पहुंचने के बाद मरीज को आठ मंजिला इमारत स्थित अल्ट्रासाउंड कक्ष ले जाया गया। यहां के स्टाफ से मरीज को कक्ष तक ले जाने के लिए मदद मांगी, लेकिन यहां भी यही हालात मिले। ऐसे में मरीज को गोद में उठाकर अल्ट्रासाउंड कक्ष लेकर जाना पड़ा।

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मेडिकल कॉलेज में बदहाल चिकित्सकीय सेवाओं का यह कोई पहला मामला नहीं है। मरीजों को आए दिन स्ट्रेचर, व्हील चेयर और वार्ड ब्वाय उपलब्ध नहीं कराए जाते। गंभीर मरीजों तक को तीमारदार बमुश्किल अपने साधनों से जांच कराने ले जाते हैं। 
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एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
जिम्मेदार अफसर हर बार जांच कराने और पता करने की बात कहते हुए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। एसआईसी डॉ. एसके मजूमदार ने इन अव्यवस्थाओं पर बात की तो उन्होंने एक बार फिर वही रटा-रटाया जवाब दिया। कहा कि इस बारे में पता कर कार्रवाई की जाएगी। 
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तीमारदार खींच रहे ऑक्सीजन सिलिंडर, स्ट्रेचर से ढोया जा रहा सामान (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
व्यवस्थाओं की पोल खोलते मामले:
24 जून: स्ट्रेचर न मिलने पर तीमारदार को अपने मरीज को स्कूटर पर बांधकर ले जाना पड़ा। 
29 जून: बरहन की मरीज ललिता को स्ट्रेचर नहीं मिला। तीमारदार कंधे पर रखकर ले गया।
13 जुलाई: दीपमाला अपने बीमार बच्चे को गोद में लिए हुए थी, पति कंधे पर रखकर ले गया। 
24: जुलाई: कागारौल के राकेश अपने कैंसर रोगी पिता को स्ट्रेचर पर लादकर बच्चों से धक्का लगवाते ले गए।
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