बलदेव नगरी साक्षात देवलोक नजर आयी, जब विश्व प्रसिद्ध हुरंगा मंदिर प्रांगण में सतरंगी गुलाल और फूलों की वर्षा के साथ गोपी स्वरूप महिलाओं ने गोप स्वरूप हुरियारों के नंगे बदन पर तड़ातड़ पोतने स्वरूप में बने कोड़े बरसाये। इस दृश्य को देख श्रद्धालु आनंदित हो गए। ब्रजराज का मुकुटमणि हुरंगा देखने को जनसैलाब उमड़ पड़ा। होली के गीत व रसिया, नफीरी, ढोल, मृदंग से मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो उठा।