तेज रफ्तार ने तीन की जिंदगियों का सफर थाम दिया। कार सवार युवक और युवतियां परीक्षा देकर घर लौट रहे थे। तभी एक मोड़ पर हादसा घटित हो गया। हादसा इतना भयावह था कि कार दो हिस्सों में बंट गई। मौके पर भाई बहन और एक युवक ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
2 of 5
मृतक की मां
- फोटो : अमर उजाला
तीन मौत के बाद अस्पताल परिजन में चीत्कार मच गई। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। राजेश, पूजा वर्मा के पिता व चाचा पहले अस्पताल पहुंच गए। उनके साथ जसराना नगर पंचायत के चेयरमैन अवनीश गुप्ता थे। पिता महेशचंद्र वर्मा बेटा-बेटी का शव देखकर बिलखते हुए जमीन पर ही गिर गए। राजेश की पत्नी राखी वर्मा, चाची मंजू वर्मा सीधे पोस्टमार्टम हाउस की ओर पहुंची तो शव को देखकर राखी वर्मा अचेत हो गई। होश में आने पर परिजनों ने घर जाने के लिए कहा तो बिलखते हुए बोली कि मेरा सब कुछ उजड़ गया ..। मृतक शैलेंद्र उर्फ शैलू के पिता, मां राजेश्वरी देवी बिलख रही थी। शैलेंद्र के चचेरे भाई आए तो अस्पताल का माहौल और गमगीन हो गया।
विज्ञापन
3 of 5
हादसे में मृत पूजा का पहचान पत्र
- फोटो : अमर उजाला
शिकोहाबाद के जेएस विश्वविद्यालय से एमएससी की परीक्षा देने पूजा और शालिनी गए थे। वहीं इनके साथ राजेश और शैलेंद्र भी परीक्षा देने गए थे। परीक्षा देकर वापस लौटने पर टीकामई के मोड़ पर कार का टायर फटा और कार बिजली के खंभे में घुस गई। इस हादसे में पूजा, राजेश वर्मा और शैलेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि शालिनी चौहान की हालत गंभीर है।
4 of 5
बिजली के खंभे से टकराई कार
- फोटो : अमर उजाला
बताते हैं कि पूजा अपने भाई राजेश के साथ परीक्षा देने गई थी। जेएस विश्वविद्यालय के बालाजी कैंपस में एमएससी की परीक्षा थी। पूजा के साथा जोनामई निवासी शालिनी चौहान और शैलेंद्र भी गए थे। लेकिन, तीन लोगों का ये सफर आखिरी साबित हुआ।
कस्बा पाढ़म निवासी महेशचंद्र वर्मा प्रमुख स्वर्णकारों में से हैं। उनका बेटा राजेश कुमार वर्मा पिता के साथ सोने-चांदी की दुकान में हाथ बंटाता था। जबकि तीन भाइयों के बीच इकलौती बहन पूजा वर्मा जेएस यूनीवर्सिटी से जंतु विज्ञान से एमएससी कर रही थी। शिक्षक सत्यप्रकाश का छोटा बेटा शैलेंद्र उर्फ शैलू जेएस विवि से केमिस्ट्री से एमएससी कर रहा था। पिता सत्यप्रकाश ने बताया वो पढ़ाई में काफी होशियार था।