आगरा की थाना हरीपर्वत पुलिस ने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएएमएस परीक्षा की कापियां बदलने के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक आरोपी हाथरस के कॉलेज का बीएएमएस का छात्र है। वह कॉपियां लिखता था। इसके बाद कॉपी को मूल कॉपी से हटाकर लिखी ही कॉपी लगा दी जाती थी। पुलिस को कई और नाम मिले हैं। उनकी भी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके कब्जे से तीन उत्तर पुस्तिकाएं बरामद की है।
27 अगस्त और छह सितंबर को थाना हरीपर्वत पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कापियां बदलकर उनके स्थान पर दूसरी कापियां रखने से सम्बन्धित शिकायत प्राप्त हुई। इस संबंध में थाना हरीपर्वत में दो मुकदमे पंजीकृत किए गए। पुलिस ने अभियुक्त अतुल और देवेन्द्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिनसे पूछताछ में पुनीत व दुर्गेश का नाम प्रकाश में आया था। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी थी। शुक्रवार रात को पुलिस टीम ने दुर्गेश ठाकुर और पुनीत को खंदौली ऑवरब्रिज के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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एसपी सिटी विकास कुमार
- फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी विकास कुमार के मुताबिक, पूछताछ करने पर दुर्गेश ठाकुर ने बताया कि वो राहुल पाराशर, पुनीत, रंजीत, जयन्त, अशरफ डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में बीएएमएस में पढ़ने वाले छात्र व छात्राओं से रुपया लेकर उनके परीक्षाओं में नंबर बढ़वाने व फेल छात्र व छात्राओं को पास कराने का काम करते हैं।
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छात्र नेता के घर पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
राहुल पाराशर विश्वविद्यालय में छात्र नेता है, जिसकी विश्वविद्यालय में अच्छी जान पहचान है। देवेन्द्र सिंह के माध्यम से कोपियां अपने पास मंगवाते थे। जो छात्र फेल होते थे, उनकी कापियों के स्थान पर हमारे द्वारा लिखी गई कापियां रख देते थे, तब लिखी गईं सारी कापियां हमसे ले जाया करता था। राहुल और रंजीत को सारी जानकारी है कि वह एजेंसी में कापियों को किस माध्यम से पहुंचाते थे।
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विश्वविद्यालय पहुंची एसटीएफ
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26 अगस्त को राहुल पाराशर और रंजीत ने बहुत सारी कापियां हमें लिखने के लिए दी थीं, जिनमें से ये कापियां गलती से आ गईं थीं, जो लिखी नहीं जानी थी। इनके बारे में राहुल पाराशर ने कहा था कि इन कापियों को अपने पास रखना। उन्हें बाद में तुम लोगों से ले लूंगा। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की सरकारी उत्तर पुस्तिका बरामद हुई हैं। पुनीत हाथरस के एक कॉलेज में बीएमएस तृतीय वर्ष का छात्र है। वही छात्रों की कापियां लिखता था। इसके बाद कापियों को बदल दिया जाता था।