फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रकाश पर्वः 'गुरु' की चरण पादुका के दर्शन कर 'निहाल' हुए भक्त, दीवान के आगे टेका मत्था

Tue, 12 Nov 2019 04:35 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 5
गुरु तेगबहादुर और गुरुनानक देवजी की चरण पादुकाएं - फोटो : अमर उजाला
गुरुद्वारा गुरु के ताल में गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व पर देशभर से श्रद्धालु जुटने लगे हैं। उन्होंने फूलों से सजे दीवान के आगे मत्था टेका और चरण पादुका के दर्शन किए। आतिशबाजी में डेढ़ से दो लाख की संगत जुटेगी।
विज्ञापन

2 of 5
गुरुद्वारा गुरु का ताल में रखीं गुरु की चरण पादुकाएं - फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ के निजामाबाद से आई हस्तलिखित श्री गुरुग्रंथ साहिब और गुरु नानक देव, गुरु तेगबहादुर की चरण पादुका के दर्शन करने के लिए भीड़ रही। फूलों से सजा गुरु ग्रंथ साहिब के दीवान के आगे मत्था टेककर जो बोले सो निहाल सतश्री अकाल के जयकारे लगाए। सुबह से देर रात तक संगत का आवागमन लगा रहा।
विज्ञापन

3 of 5
रोशनी से जगमगाता गुरुद्वारा गुरु का ताल - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसाद बनाया जा रहा है। इसमें लंगर में रोजाना की तरह दाल, चपाती, चावल के अलावा माल-पुए और लड्डू प्रसाद में मिलेंगे। इसके लिए कारसेवा करने के लिए देशभर से लोग जुटे हैं। लगभग 1500 कारसेवक आयोजन की व्यवस्था में जुटे हुए हैं।

4 of 5
रोशनी से जगमगाता गुरुद्वारा गुरु का ताल - फोटो : अमर उजाला
श्रद्घालुओं ने सुबह प्रभात फेरी निकाली। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्घालु मौजूद रहे। प्रकाश पर्व के मौके पर गुरुद्वारा को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। रोशनी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
गुरुद्वारा के लिए आते श्रद्घालु - फोटो : अमर उजाला
गुरुद्वारा के दर्शन करने के लिए मेरठ से परिवार सहित आए हैं। चरण पादुका और दीवान के आगे मत्था टेककर मन को शांति मिली। -सोनिया रमानी, मेरठ. गुुरु के 550वें प्रकाश पर्व में शामिल होकर पुण्य कमाएंगे। बच्चे आतिशबाजी और इसकी सजावट का आनंद भी ले सकेंगे। -किरनजीत
कौर, यमुनानगर. 
गुरु के कार्य करने से जीवन धन्य हो जाता है, यहां सजावट, आतिशबाजी समेत अन्य कार्यों के लिए अपनी सेवाएं दे रहा हूं। - तारा
सिंह, अलीगढ़, 
प्रकाश पर्व में सेवा करने का मौका मिला तो मुंबई से चला आया। यहां की व्यवस्थाएं करने मात्र से ही अनूठी अनुभूति मिल रही है। -
राजेंदर सिंह, मुंबई
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें