गोवर्धन के मुड़िया पूर्णिमा मेले में भक्ति की शक्ति देखने को मिल रही है। दूर-दराज से गोवर्धन परिक्रमा करने पहुंचे श्रद्धालुओं के पग थम नहीं रहे हैं। बच्चे, बड़े-बुजुर्ग, युवा और महिलाएं हर कोई राधे नाम के साथ परिक्रमा कर रहा है। लाखों भक्तों द्वारा एक स्वर में की जा रही गिरिराज की जयकार से तलहटी गुंजायमान हो रही है। 21 किलोमीटर से अधिक की गोवर्धन परिक्रमा कब पूरी हो जाती है, भक्तों को पता ही नहीं चलता। परिक्रमा करने वाले भक्तों का कहना है कि पैर में अगर छाले भी पड़ जाएंगे तो ब्रज की रज में सब सही हो जाते हैं।
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परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
मुड़िया पूर्णिमा का आज चौथा दिन है। परिक्रमा मार्ग तक पहुंचने के लिए भीड़ के चलते परिक्रमार्थी अब तो पैदल ही पहुंच रहे हैं। सोमवार को श्रद्धालुओं का अथाह जनसैलाब उमड़ पड़ा है। परिक्रमा मार्ग के साथ आसपास के मेला क्षेत्र में आस्थावान श्रद्धालुओं की भीड़ ही भीड़ दिखाई दे रही है। जैसे-जैसे मेला आगे बढ़ रहा है वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की संख्या में एकदम इजाफा हो रहा है।
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परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भीड़
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देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु भक्ति भाव में चले आ रहे हैं। रविवार शाम को गोवर्धन के आने वाले रास्तों पर जन सैलाब दिखाई दिया। लग रहा था मानो मेला पर शाम होते ही आस्था के मिनी कुंभ के इस प्रवाह में हर कोई बहने आया हो। असंख्य श्रद्धालु अपनी भावना, आस्था और भाव लेकर पहुंचे। उन्हें कंकड़-पत्थर की चुभन की कोई परवाह नहीं है। न गर्मी से कोई उत्साह कम हुआ। बस स्टैंड हो या रेलवे स्टेशन हर तरफ गिरिराज महाराज के जयकारों के बीच श्रद्धालु चले आ रहे हैं।
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परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
गिरिराज महाराज के मेला का नजारा किसी कुंभ से कम नहीं है। अनुमान के मुताबिक अब तक तीन दिन में करीब 45 लाख श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा गोवर्धन महाराज की परिक्रमा कर चुका है। मेला में जगह-जगह लगे सेवा शिविर व धार्मिक कार्यक्रम माहौल को भक्तिमय बना रहे हैं। मानसी गंगा के फव्वारों में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं। यहां आने वाले परिक्रमार्थी गिरिराज जी का दुग्धाभिषेक व पूजन-अर्चन कर रहे हैं।
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गिरिराज जी की जयकार करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मुड़िया पूर्णिमा मेला में सब एक समान भाव से नजर आ रहे हैं। भक्तों से अमर उजाला की टीम ने बातचीत की तो उन्होंने बताया कि गिरिराज जी मनोकामना पूरी करने वाले देवता हैं। भिवानी से आईं संध्या बंसल ने बताया कि उन्होंने गिरिराज जी के नाम से मनोकामना मांगी थी और पूरी हो गई। अब वे मनोकामना के बदले गिरिराज जी की शरण में आई हैं।
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दानघाटी मंदिर के बाहर भक्तों की भीड़
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मेला में सेवा करने वाले श्रद्धालु भी सेवा सत्कार करने में जुटे हैं। मुंबई, दिल्ली, अलवर, बरेली आदि शहरों से आकर भक्त पालियों में बंटकर प्रसाद वितरित कर रहे है। इसके अलावा राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों से भक्त आकर भंडारा सेवा कर रहे हैं। सेवा करने वाले सेवाभावी भक्त गिरिराज सेवा समिति इंदौर, गिरिवर निकुंज, गिर्राज सेवा मंडल कठूमर, गोवर्धन नाथ सेवा समिति हिंडौन सिटी के नाम से शिविर लगाये हुए हैं।
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दंडवती परिक्रमा करते भक्त
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मुड़िया पूर्णिमा मेला में भीड़ के चलते गिरिराज जी की परिक्रमा में लेटकर दंडवती न करने के आदेश हैं, लेकिन श्रद्धालु भावविभोर होकर दानघाटी मंदिर के शुरूआती पड़ाव से लेटकर दंडवती कर अपनी परिक्रमा को शुरू करना चाहते हैं। पुलिसकर्मी उनको माइक से आवाज लगाकर अनुनय, विनय के साथ रोक रहे हैं।
बच्चे भी कर रहे गोवर्धन की परिक्रमा
- फोटो : अमर उजाला
छोटे छोटे बच्चे भी गिरिराज जी की परिक्रमा पूरी कर ले रहे हैं। कोई मम्मी का हाथ पकड़कर चल रहा है, तो कोई पापा के साथ। इन बच्चों ने भी हंसते हंसते सात कोस की परिक्रमा को पूरा कर लिया। इन बच्चों के परिवार वालों का कहना था कि पैर में अगर छाले भी पड़ जाएंगे तो ब्रज की रज में सब सही हो जाते हैं।