आगरा में मंगलवार को रावतपाड़ा की प्राचीन बारहदरी से श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की भव्य राम बरात जनकपुरी के लिए रवाना हुई, जिसे देखने शहर की सड़कों और छतों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। 168 वाहनों और झांकियों से सजी बरात का जगह-जगह पुष्पवर्षा और आरती से स्वागत हुआ, जबकि रामायण और सनातन संस्कृति के जीवंत प्रसंग आकर्षण का केंद्र रहे।
‘रामहि देखि बरात जुड़ानी, प्रीति कि रीति न जाति बखानी...’ गोस्वामी तुलसीदास की पावन चौपाइयों का हर एक शब्द मंगलवार को उस वक्त ताजनगरी के हृदयस्थल में साकार हो उठा, जब रावतपाड़ा स्थित लाला चन्नोमल की प्राचीन बारहदरी से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की भव्य वरयात्रा जनकपुरी के लिए रवाना हुई। शंखनाद, डमरुओं की गूंज और लोगों के कंठों से गूंजते जयद्घोष के बीच पुराना शहर त्रेतायुगीन अवधपुरी के अलौकिक उत्सव में डूब गया। दरेसी, रावतपाड़ा, जौहरी बाजार और किनारी बाजार की संकरी गलियों से गुजरती इस ऐतिहासिक बरात का स्वागत शहर ने पलक-पांवड़े बिछाकर किया। यात्रा में शामिल 168 वाहनों और दिव्य रथों ने सनातन संस्कृति और पौराणिक आख्यानों के विविध प्रसंगों को सजीव कर दिया।
भगवान गणेश की आठ फीट ऊंची विशाल सवारी के पूजन-अर्चन के साथ बरात आगे बढ़ी। इसके बाद जब श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के अलौकिक स्वरूपों के दिव्य रथ निकले तो मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं का अगाध सैलाब उमड़ पड़ा। छतों से गुलाब और गेंदे की वर्षा से समूचा मार्ग कालीन की तरह फूलों से बिछ गया।
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राम बरात 2026
- फोटो : अमर उजाला
शहर दूधिया और सतरंगी एलईडी रोशनी की चादर में लिपटा नजर आया। प्रमुख चौराहों को भव्य तोरणद्वारों से सजाया गया है, जबकि मशहूर ब्रास बैंडों द्वारा बजाई जा रही ब्याहन को चले रघुराई... और अवध में बाजे बधाई... जैसी धुनों ने फिजाओं में रस घोल दिया।
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राम बरात 2026
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जगह-जगह लगे झूलों की रौनक ने बच्चों व युवाओं में उत्साह भर दिया। सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने जगह-जगह स्टॉल लगाकर बरातियों का स्वागत किया। सुरक्षा के चाक-चौबंद घेरे के बीच आस्था और आनंद का यह प्रवाह देर रात तक अपनी मंजिल जनकपुरी की ओर बढ़ता रहा।
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राम बरात 2026
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आरती-पूजन के साथ हुआ शुभारंभ
भगवान गणेश की विशाल सवारी के समक्ष विधायक चौधरी बाबूलाल और श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष व विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन कर हरी झंडी दिखाई। इस पावन अवसर पर कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल, मुख्य संरक्षक जगदीश बागला, मुख्य मार्गदर्शक डॉ. विजय किशोर बंसल, संजय तिवारी, मुकेश जौहरी और टीएन अग्रवाल सहित तमाम पदाधिकारी व्यवस्थाओं की बागडोर संभालते हुए बरात के साथ चले।
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राम बरात 2026
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जगह-जगह स्वागत
चौराहों और बरात मार्ग पर लगे गगनचुंबी आसमानी झूले, नाव और ड्रेगन राइड्स मेले में आए परिवारों और बच्चों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं, सामाजिक व व्यापारिक संगठनों द्वारा जगह-जगह दूध-जलेबी, शीतल पेय, मिष्ठान और फलाहार के विशाल स्टॉल लगाकर बरातियों की खातिरदारी की गई।
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राम बरात 2026
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झांकियों में दिखा सनातन का वैभव
ऐतिहासिक बरात में शामिल 168 वाहनों और झांकियों ने धर्म और परंपरा की अनूठी छटा बिखेरी। इनमें भगवान शिव का तांडव, समुद्र मंथन, श्रीराम-केवट संवाद, माता शबरी के बेर और पंचवटी प्रसंग जैसी दर्जनों जीवंत झांकियां शामिल रहीं। इन पौराणिक स्वरूपों के दर्शन पाने के लिए हजारों लोग साथ चलते रहे और रथों पर सवार प्रभु स्वरूपों की आरती उतारते नजर आए।
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राम की बरात
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पुराने शहर और बाजार में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
उत्तर भारत की ऐतिहासिक रामलीला में मंगलवार को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम समेत चारों भाइयों की भव्य बरात जनकपुर के लिए प्रस्थान कर गई। अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए सड़कों से लेकर छतों तक श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। शहर के पुराने बाजारों में मार्ग के दोनों ओर लोग देर रात तक डटे रहे और पूरी यात्रा के दौरान पुष्पवर्षा व आरती कर बरात का भव्य स्वागत किया गया।
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राम की बरात
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मनकामेश्वर मंदिर गली स्थित लाला चन्नोमल की बारहदरी पर विधिवत पूजन के बाद श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों को रथों पर विराजमान कराया गया। दोपहर तीन बजे से ही बरात में शामिल झांकियों का कारवां आगे बढ़ना शुरू हो गया था। बरात में राजा दशरथ के रूप में संजय सिंघल और रानी कौशल्या के रूप में नीता सिंघल बग्घी पर सवार रहे, जबकि मुनि विश्वामित्र और गुरु वशिष्ठ के स्वरूप रथ पर विराजमान नजर आए।
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राम की बरात
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बरात में शामिल विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इनमें भगवान कृष्ण की कालिया नाग मर्दन लीला, मां काली, बकासुर वध, गिरिराज जी, रामलला, भगवान शंकर, वैष्णो देवी, सुदामा-कृष्ण, वासुदेव कारागार, द्वादश ज्योतिर्लिंग, राधा-कृष्ण, पंचमुखी हनुमान, गौतम ऋषि-अहिल्या और महाकाल के प्रसंग शामिल थे।
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राम की बरात
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इसके अलावा, 31 कलाकारों के नासिक ढोल दल ने अपनी प्रस्तुति से पूरे माहौल में जोश और उत्साह का संचार कर दिया। इस दौरान प्रकाश चंद्र अग्रवाल, प्रवीण स्वरूप बंसल, अंजुल बंसल, आनंद मंगल, मोहित गोयल, ताराचंद, अजय गर्ग, विनोद जौहरी और रामकिशन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं ये झांकियां
हाइड्रोलिक रथों पर सजी बाबा बर्फानी की झांकी ने सभी का विशेष ध्यान खींचा। इसके साथ ही 11 फीट ऊंची माखन चोरी लीला, श्रीनाथजी, राम दरबार, कृष्ण-सुदामा, बांके बिहारी, सती प्रसंग, जगन्नाथ रथयात्रा, खाटू श्याम, शेषशैया पर विराजमान भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी, पूतना वध, समुद्र मंथन, नवदुर्गा, तिरुपति बालाजी और मां सरस्वती की झांकियों ने सनातन संस्कृति के विविध स्वरूपों के दर्शन कराए। धार्मिक प्रसंगों के साथ-साथ देशभक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश देती झांकियों ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया।