जिन सांसदों को आपने अपना प्रतिनिधि चुनकर संसद में भेजा, वे आपके मुद्दों को उठाने में पीछे रहे। ब्रज के छह सांसदों का रिपोर्ट कार्ड देखकर तो यही लगता है कि उतने सवाल नहीं उठाए गए, जितने की जरूरत थी। लोकसभा के सभी सांसदों का पांच साल में प्रश्न करने का औसत 285 है, जबकि ब्रज का कोई भी सांसद 225 तक भी नहीं पहुंचा है। ऐसे भी सांसद हैं, जिनकी सदन में हाजिरी 40 फीसदी से भी कम है।
हाईकोर्ट बेंच, एयरपोर्ट समेत तमाम मुद्दे हैं ब्रज में जिनकी मांग लंबे समय से उठ रही है। आलू की खेती, कांच उद्योग, जूता उद्योग की तमाम समस्याएं हैं जिन्हें लेकर लोग आए दिन सड़कों पर उतरते हैं। संसद में होने वाली बहस में हिस्सा भी इन सांसदों ने कम ही लिया। वेबसाइट पीआरएस.ओआरजी पर इसका लेखाजोखा है। तस्वीरों में देखिए पांच साल में आपके सांसद की संसद में परफॉरमेंस कैसी रही है...।