ताजमहल के पास दो किमी क्षेत्र में सफाई के लिए हर महीने 26.50 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन ताज और उसके आसपास गंदगी के ढेर लगे हैं। डस्टबिन कूड़े से भरे हैं तो सड़कों पर झाडू तक नहीं लग रही। ताज के पास ही शहर के बाकी इलाकों में भी सफाई व्यवस्था कचरा हो रखी है, वहीं यमुना घाटों पर भी गंदगी की भरमार है।
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यमुना के दशहरा घाट पर गंदगी
- फोटो : अमर उजाला
कमिश्नर अनिल कुमार ने उप निदेशकों से सफाई की चेकिंग कराई तो हर बार की तरह इस बार भी रिपोर्ट बेहद खराब मिली। ताजगंज में सफाई की जिम्मेदारी बीवीजी कंपनी पर है, जो लगातार चेकिंग में फेल साबित हो रही है।
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शाहगंज में सड़क किनारे लगे गंदगी के ढेर
- फोटो : अमर उजाला
उपनिदेशक विपणन एमसी गंगवार, उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या नवीन चतुर्वेदी की टीम को पुरानी मंडी चौराहे से ताज के पश्चिमी गेट तक जगह-जगह कूड़ा पड़ा मिला। दो दिन से यहां सफाई नहीं हुई थी। रोड पर कोई सफाई कर्मचारी नहीं मिला। 19 में से 6 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए।
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ताजमहल के बाहर कूड़े का ढेर
- फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी गेट से किले की ओर सड़क पर पुराना कूड़ा मिला। अमरूद टीला पार्किंग में आवारा पशु और गोबर पड़ा मिला। पूरी पार्किंग में सूखा और गीला कचरा फै ला पाया गया। सड़क पर बायीं ओर पुरानी झाड़ियां और मलबा पड़ा मिला, जिसे हटाने के लिए कंपनी के सुपरवाइजर से कहा गया।
अपर नगर आयुक्त कुंवर बहादुर सिंह ने ताजगंज के ताजगंज दक्षिण और उत्तर वार्ड का निरीक्षण किया। जगह-जगह कूड़ा मिला। वार्ड ऑफिस में सफाई कर्मचारियों के रिजस्टर में 14 कर्मचारियों के नाम लिखे थे, लेकिन इनमें से 11 अनुपस्थित मिले। अनुपस्थित सफाई कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने और संविदा कर्मचारी ईश्वरी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति अपर नगर आयुक्त ने की है।