फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले ही दिन 'दम तोड़' गई निगम की योजना, कूड़ा उठने के बाद नहीं पहुंचा लोगों तक संदेश

Thu, 17 Oct 2019 12:34 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
1 of 6
शहर के एक वार्ड में फैला पड़ा कूड़ा - फोटो : अमर उजाला
घरों से कूड़ा उठाने की नई व्यवस्था बुधवार को पहले दिन ही ढेर हो गई। स्मार्ट सिटी के तहत जिन घरों पर टैग लगाए जा चुके हैं वहां से कूड़ा उठने पर मोबाइल पर संदेश आना था, लेकिन बुधवार को सर्वर और डाटा इंट्री की दिक्कतों के कारण ऐसा नहीं हो सका। नगर निगम ने रेडियो फ्रीक्वेंसी टैग रीडर का इस्तेमाल करने का दावा किया था जो फेल साबित हुआ। एप में केवल 167 घरों का डाटा था, जिसे गुरुवार शाम तक 60 हजार करने का दावा निगम ने किया है।
विज्ञापन

2 of 6
स्कैनिंग का प्रयोग करतीं निगम की सुपरवाइजर - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को केवल वार्ड 81 में ही स्कैनिंग का प्रयोग किया जा सका। शहर में घर-घर से कूड़ा एकत्र करने वाली चार कंपनियां हैं, जिनके कर्मचारियों को आरएफआईडी रीडर हैंडओवर किए जाने थे, लेकिन सेनेटरी इंस्पेक्टरों और सुपरवाइजरों ने बुधवार को यह रीडर कंपनी प्रतिनिधियों को सौंपे ही नहीं। कुछ वार्ड में यह दिए भी गए, लेकिन बैटरी चार्ज न होेने के कारण इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सका। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव राठी ने बताया कि स्कैनिंग के साथ मोबाइल एप पर डाटा इंट्री की जा रही है। एक-दो दिन में ट्रायल के दौरान दिक्कतों का पता चल जाएगा।
विज्ञापन

3 of 6
नाले की कीचड़ सड़क पर - फोटो : अमर उजाला
मदिया कटरा रोड, आवास विकास रोड पर नाले, नालियों की सफाई कराई गई है। कीचड़ सड़क पर डाल दी गई है। इसे उठवाया नहीं जा रहा है। हलवाई की बगीची के सामने दुकानदार बदबू से परेशान हैं।

4 of 6
कूड़ा-कचरे से भरे कूड़ेदान - फोटो : अमर उजाला
डस्टबिन जब 75 फीसदी भर जाएंगे तो स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पर मैसेज आ जाएगा। ये डस्टबिन उठाया या नहीं, इसकी जानकारी भी कमांड सेंटर पर रहेगी। शहर के 1260 डस्टबिन पर यह टैग लगाया जाएगा।
विज्ञापन

5 of 6
आगरा नगर निगम
निगम ने कॉलोनियों और गलियों के साथ मुख्य सड़कों पर सूखे और गीले कूड़े के लिए छोटे डस्टबिन लगवाए हैं, लेकिन भरने के बाद भी कई दिनों तक इनसे कूड़ा नहीं उठाया गया। आवास विकास कॉलोनी, दीवानी, बल्केश्वर में ये डस्टबिन भर जाने पर आवारा पशु खाने की तलाश में इन्हें तोड़ चुके हैं। लोग नगर निगम में शिकायत कर रहे हैं, नगर आयुक्त से भी कह रहे हैं कि कूड़ा उठवाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
रेडियो फ्रीक्वेंसी टैग को रीडर के जरिए स्कैन करने की प्रक्रिया समझाते हुए पर्यावरण अभियंता राजीव राठी - फोटो : अमर उजाला
पहले दिन तकनीकी दिक्कतें मसलन, सर्वर और रीडर के उपयोग की सामने आईं, जिस वजह से मैसेज नहीं जा सके। स्वच्छ नगर एप पर 60 हजार घरों के डाटा की गुरुवार को इंट्री हो जाएगी, तब मैसेज मिलने की शुरुआत हो जाएगी। -राजीव कुमार राठी, प्रभारी, स्वच्छ भारत मिशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें