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मोहब्बत की निशानी देखने को बेताब सैलानी, कोरोना वायरस ने दी मायूसी, लौट रहे विदेशी

Wed, 18 Mar 2020 12:01 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

दशहरा घाट, महताब बाग भी न जाने दिया
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दूर से देख पाए ताजमहल की झलक - फोटो : Amar Ujala
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए ताजमहल समेत देश भर के स्मारक मंगलवार से बंद कर दिए गए। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के इस आदेश के बाद मंगलवार सुबह सूर्योदय के समय दुनिया के सातवें अजूबे को देखने के लिए पहुंचे सैलानियों को मायूस लौटना पड़ा। सुबह 6 बजे ही पर्यटक ताज पहुंच गए और गेट खुलने का इंतजार किया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के स्टाफ ने सैलानियों को स्मारक बंद होने की जानकारी देते हुए नोटिस दिखाया। 6500 से ज्यादा सैलानी मंगलवार को ताजमहल के दीदार के बिना ही लौटे।
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ग्यारह सीढ़ी से सैलानियों ने देखा ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
सात समंदर पार से दीदार-ए-ताज के लिए आए विदेशी सैलानियों को ताज की झलक देखकर ही लौटना पड़ा। वह ताज में अंदर प्रवेश नहीं कर पाए। सोमवार रात में जारी किए गए आदेश की जानकारी उन्हें नहीं पहुंची थी। रात में होटलों में रुके पर्यटक सुबह सूर्योदय के समय ताज निहारने के लिए पहुंच गए। 31 मार्च तक ताजमहल बंद होने की जानकारी पर वह मायूस लौटे। ताज सुरक्षा में लगे जवानों ने उन्हें दशहरा घाट भेज दिया, जहां से ताज की झलक देखकर लौटे।
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महताब बाग से ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
सुबह तो ताजमहल पहुंचे पर्यटकों को दशहरा घाट और यमुना व्यू प्वाइंट, महताब बाग तक जाने दिया गया, पर दोपहर में जैसे ही भीड़ बढ़ी, ताज सुरक्षा पुलिस ने बैरियर से आगे पर्यटकों को नहीं जाने दिया। उनसे वापस होटल लौटने को कहा गया। मंगलवार को करीब 950 विदेशी और 5500 से ज्यादा भारतीय और सार्क देशों के पर्यटक ताजमहल के दीदार के लिए पहुंचे थे।
 

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ताजमहल में पसरा सन्नाटा - फोटो : Amar Ujala
ताजमहल समेत स्मारकों को बंद किए जाने से पहले ही दिन 6 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान पर्यटन उद्योग को झेलना पड़ा। अभी तक हर दिन डेढ़ से दो करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था, लेकिन पूरी तरह से स्मारकों को 15 दिन के लिए बंद कर देने से नुकसान ज्यादा हुआ। टूर ऑपरेटरों पर 31 मार्च तक की बुकिंग तो पूरी तरह से निरस्त हो गई, वहीं अप्रैल में भी कैंसिलेशन के फोन और ई-मेल पूरे दिन आते रहे।
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ताजमहल के पीछे दशहरा घाट - फोटो : Amar Ujala
ताजमहल और स्मारकों से आगरा के पांच लाख लोगों की रोजी रोटी चलती है। रिक्शा चालक, बैटरी ऑटो, टैक्सी ड्राइवर से लेकर गाइड, फोटोग्राफर, रेस्तरां, होटल, ऑपरेटर, करेंसी एक्सचेंजर, हैंडीक्राफ्ट एंपोरियमों के संचालकों को पूरे दिन खाली बैठना पड़ा। ताज में 2500 से ज्यादा गाइड, 350 फोटोग्राफर काम कर रोजी रोटी कमाते हैं, जो मंगलवार को पूरी तरह बंद रही। शहर के 550 से ज्यादा होटल, 350 रेस्टोरेंट, 125 एंपोरियमों में पर्यटक नजर नहीं आए।
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ताजमहल - फोटो : अमर उजाला
ताज बंदी के पहले दिन पर्यटक आगरा आ गए, लेकिन मायूस होकर लौटे। हमारा पूरा दिन टूर के कैंसिलेशन में बीता। फोन और ई-मेल पर पूरे दिन टूर निरस्त करने की जानकारी देते रहे। जो ग्रुप कैंसिल हो गए, अब वह दोबारा न जाने कब आएंगे - राजीव सक्सेना, उपाध्यक्ष, टूरिज्म गिल्ड
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ताजमहल परिसर में मास्क पहने लोग - फोटो : PTI
आज क्या, अब पूरे 15 दिन हाथ पर हाथ रखकर बैठना है। अच्छा किया जो पूरी तरह से बंद कर दिया गया, अन्यथा लोग भी असमंजस में थे। हमारे सभी ग्रुप कैंसिल हो गए। केवल मार्च नहीं, बल्कि अप्रैल में भी टूरिस्ट नहीं आएंगे - शमशुद्दीन, अध्यक्ष, आगरा एप्रूव्ड गाइड एसो.
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