बारिश के कारण बैराज से पानी छोड़े जाने से यमुना नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है, वहीं चंबल नदी में भी उफान पर बह रही है। इससे आगरा के पिनाहट क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बन गई है। संपर्क मार्ग और खादर जलमग्न हो गए हैं। ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है। वन विभाग के साथ ही प्रशासनिक अमला भी नदी के जल स्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
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अफसरों ने लिया स्थिति का जायजा
- फोटो : अमर उजाला
राजस्थान में हो रही बारिश के कारण और कोटा बैराज से दो दिन में 1.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे चंबल नदी उफान पर है। 24 घंटे में नदी का जल स्तर 9 मीटर बढ़ गया है। शनिवार को एडीएम एफआर रमेश सिंघल और एसडीएम बाह महेश गुप्ता ने चंबल घाट पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
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कई इलाकों में पहुंचा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
चंबल नदी बुधवार को 116 मीटर के स्तर पर बह रही थी। बुधवार की शाम नदी में कोटा बैराज के 13 गेट खोलकर 77 हजार 818 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। गुरुवार की सुबह 4 गेट खोलकर 24 हजार क्यूसेक और पानी छोड़ा गया। जबकि दोपहर में 10 गेट खोलकर 60 हजार 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
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तेजी से बढ़ रहा चंबल नदी का जल स्तर
- फोटो : अमर उजाला
कोटा बैराज से छोड़ा गया पानी बाह में पहुंचते ही नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। 24 घंटे में 9 मीटर बढकर जल स्तर 125 मीटर हो गया है। खतरे का निशान 132 मीटर पर है। आगरा से सटे धौलपुर में चंबल नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
कई इलाकों में पहुंचा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
बाह क्षेत्र में नदी किनारे के डगौरा, क्योरीपुरा, पुराडाल, पुराशिवलाल, झरनापुरा, भगवानपुरा, गुढ़ा, गोहरा, रानीपुरा, भटपुरा, मऊ की मढै़या आदि गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी से जुड़ने वाले खादर और रास्ते जलमग्न हो गए हैं। तटवर्तीय ग्रामीण रात में जागने को मजबूर हैं।