चंबल नदी फिर उफन रही है, जिससे आगरा जिले बाह और पिनाहट क्षेत्र के 38 गांवों में बाढ़ की आहट से दहशत है। कोटा बैराज से सोमवार को 12 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। शाम छह बजे धौलपुर में बाढ़ आ गई है। यहां जलस्तर खतरे के निशान से छह मीटर अधिक है। वहीं मंगलवार सुबह सात बजे तक पानी पिनाहट पहुंच गया, जिसे लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए 38 गांव खाली कराने के लिए मुनादी कराई है।
चंबल नदी में बाढ़ की आशंका को देखते हुए मंगलवार को प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए बॉर्डर व नदी किनारे स्थित स्कूलों को बंद कर दिया है। राहत कार्यों में टीमों को लगया गया है। चंबल में पिनाहट में दोपहर 12 बजे तक जलस्तर 125 मीटर पहुंच गया, जो लगातार बढ़ रहा है। नदी खतरे का निशान 130 मीटर रात तक पार कर सकती है। डीएम प्रभु एन सिंह ने बताया कि प्रधानों से मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
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उफान पर बह रही चंबल
- फोटो : अमर उजाला
आठ बाढ़ चौकियां अलर्ट
एसडीएम ने बताया कि आठ बाढ़ चौकियां बनाई हैं। हल्का लेखपालों को गांव में ही रुकने के निर्देश हैं। निगरानी के लिए जैतपुर और खेड़ा राठौर थाने के प्रभावित गांव में तहसीलदार सर्वेश कुमार सिंह, बासोनी, पिनाहट थाने के गांवों पर नायब तहसीलदार गौरव अग्रवाल, मंसुखपुरा पिनाहट क्षेत्र में खुद एसडीएम मोर्चा संभाल रहे हैं।
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उफान पर बह रही चंबल नदी
- फोटो : अमर उजाला
ये गांव हो सकते हैं प्रभावित
चंबल में आई बाढ़ से 30 से अधिक गांव विस्थापित हो सकते हैं। मंसुखपुरा में रेहा, बरेंडा,तासौड, पिनाहट में क्योरी, करकोली, महगोली, उटसाना, उमरैठा पुरा, बघरैना, बासौनी, जेबरा, कुंवरखेड़ा, सिमराई, गुढ़ा, पुरा भगवान, खेड़ा राठौर, महुआशाला, गोहरा, रानी पुरा, नंदगवां, बिट्ठौना, प्यारमपुरा, मुकुटपुरा, हतकांथ, नावली, कोरथ, कमोनी, उदयपुर खुर्द आदि गांव प्रभावित होने की आशंका है। इन गांव में 20 हजार से अधिक आबादी है।
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उफान पर बह रही चंबल नदी
- फोटो : अमर उजाला
बता दें पिनाहट में चेतावनी स्तर 127 मीटर है। पिछले सप्ताह छोड़े गए 7.50 लाख क्यूसेक पानी से 10 गांव का संपर्क टूट गया है।