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मथुरा: 100 फीट गहरे बोरवेल में 9 घंटे तक फंसा रहा 5 साल का मासूम, सुरक्षित निकाला गया बाहर

Sun, 14 Apr 2019 03:29 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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बोरवेल में फंसा मासूम प्रवीण - फोटो : अमर उजाला
मथुरा के गांव शेरगढ़ के अगरयाला में शनिवार को पांच साल का बच्चा प्रवीण सौ फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। सेना ने पुलिस और प्रशासन के साथ उसे बचाने के लिए ‘ऑपरेशन जिंदगी’ शुरू किया, जो सफल रहा। जेसीबी से बोरवेल के समीप खुदाई कर देर रात 12 बजे उसे झूले के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। डॉक्टरों ने बच्चे की हालत खतरे से बाहर बताई है। 
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बोरवेल में गिरे बच्चे को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
हादसा छाता तहसील के गांव शेरगढ़ के अगरयाला के जंगल में हुआ। गांव निवासी दयाराम अपनी पत्नी सूरजो के साथ मजदूरी पर गेहूं काटने के लिए गया था। यह दंपती साथ में अपने पांच साल के बेटे प्रवीन को भी ले गए थे। गेहूं कटाई करने के बाद दोपहर को तीन बजे दयाराम अपनी पत्नी और बेटे के साथ हुकुम सिंह के खेत में पेड़ के नीचे जाकर बैठ गया। इसी बीच उनका पांच साल का बेटा प्रवीन खेलते-खेलते खेत में खुले पड़े बोरवेल के पास चला गया और गिर गया। दंपती ने शोर मचाया तो आसपास के लोग इकट्ठा हो गए।
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बोरवेल में गिरे बच्चे को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
पहले शेरगढ़ पुलिस को सूचना दी गई और फिर प्रशासन को। कुछ ही देर में रेस्क्यू टीम पहुंच गई। सेना को भी बुला लिया गया था। बोरवेल तक पाइप के जरिए ऑक्सीजन पहुंचाई गर्ई।  रेस्क्यू टीम ने बोरवेल के बगल में खुदाई की ताकि बच्चे तक पहुंचा जा सके। रात को अंधेरा हो जाने पर वहां प्रकाश की व्यवस्था करके बच्चे को सुरक्षित निकालने के प्रयास लगातार जारी रहा। वहीं बच्चे की सलामती के लिए दुआ भी की रही थी। 

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घटनास्थल पर मासूम के परिजन व अन्य महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
तीन भाई और दो बहनों में प्रवीन सबसे छोटा है। उसके बोरवेल में गिरने के बाद मां सूरजो बेहोश हो गई। दयाराम और उसके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीण पूरे परिवार को हिम्मत बंधा रहे थे। खेतों पर जुटे ग्रामीण भगवान से प्रवीन को सकुशल बोरवेल से निकालने की प्रार्थना कर रहे थे।
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बोरवेल में गिरे बच्चे तक पहुंचाई जा रही ऑक्सीजन - फोटो : अमर उजाला
करीब नौ घंटे तक सेना और पुलिस ने ऑपरेशन जिंदगी चलाया। रात तकरीबन 12 बजे मासूम प्रवीण को बोरवेल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। एबुंलेस से तुरंत से जिला अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है। उधर, मासूम के सुरक्षित आने पर परिजनों की आंखों से आंसू थमे और सेना और पुलिस का धन्यवाद किया। 

 
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