उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के माधौनगर में हुए अग्निकांड में झुलसी युवती ने बुधवार की रात सैफई मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। आग की चपेट में आए एक ही परिवार के सभी पांच लोगों की मौत हो चुकी है। पढ़िये पूरा घटनाक्रम अगली स्लाइड में...
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आग में झुलसकर दो साल के मासूम की हुई मौत का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
कोतवाली क्षेत्र के माधौनगर (खरपरी) निवासी 45 वर्षीय रामबहादुर प्रजापति 17 जून की रात पत्नी सरला देवी (42), पुत्री रौली (18) व शिखा (16) और दो वर्षीय नाती ऋषि के साथ घर के एक कमरे में सो रहे थे। पूर्व में हुए झगड़े के चलते रंजिश मान रहे पड़ोस में रहने वाले मुरारी कश्यप ने रात में घर में मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी।
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रौली और शिखा के फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आग में जलने से ऋषि की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। रामबहादुर, रौली, शिखा और सरला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर कर दिया गया था।
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आग लगाने का आरोपी मुरारी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने मुरारी को गिरफ्तार कर लिया था। उसने रंजिश के चलते आग लगाने की बात भी स्वीकार की थी। सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रामबहादुर और उनकी पत्नी सरला देवी व बेटी शिखा की पहले ही मौत हो चुकी है। अब बुधवार की रात बेटी रौली ने भी दम तोड़ दिया। गुरुवार शाम युवती का शव गांव पहुंचा।
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प्रजापति युवा संगठन के पदाधिकारी पीड़ितों से मिले
- फोटो : अमर उजाला
माधौनगर में रामबहादुर के घर में 17 जून की रात आग लगाई गई। सभी के जल्दी स्वस्थ्य होने की कामना परिवार के साथ ही पूरा गांव करता रहा, लेकिन ईश्वर से की गई प्रार्थना काम नहीं आई। एक के बाद एक परिवार के सदस्य की मौत होती चली गई।
रामबहादुर और सरला देवी के फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विगत 22 जून की तड़के सैफई मेडिकल कॉलेज में रामबहादुर की मौत हो गई। 23 जून को सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती सरला देवी की मौत हो गई। दो जुलाई की रात बेटी शिखा ने सैफई में दम तोड़ दिया। आठ जुलाई की रात करीब एक बजे रौली ने भी दम तोड़ दिया।
मुरारी को फांसी की सजा दिलाना जिंदगी का मकसद
माधौनगर में जलकर झुलसे हुए एक ही परिवार के पांच सदस्यों की 22 दिन के अंदर मौत हो गई। हृदयविदारक वारदात से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक रामबहादुर के इकलौते पुत्र ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है। विलखते हुए बेटे ने कहा कि आरोपी मुरारी को फांसी की सजा दिलाना ही उसकी जिंदगी का मकसद है। कहा कि सरकार को मामले की सीबीआई जांच करानी चाहिए। अब उसकी जिंदगी का यही मकसद है कि वह पिता, मां और दो बहनों सहित अपने दो साल के बेटे के हत्यारे को फांसी की सजा दिलाए। इसके लिए वह हर न्यायालय में इस केस की पैरवी करेगा।