एसएसपी सचिंद्र पटेल ने पत्रकारों को बताया कि जसराना पुलिस को अवैध हथियारों की फैक्टरी संचालित होने की सूचना मिल रही थी।
एसपी देहात राजेश कुमार सिंह, सीओ जसराना प्रीति सिंह के निर्देशन में टीम को सक्रिय किया गया था।
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पुलिस ने पकड़ी अवैध शस्त्र बनाने की फैक्टरी
- फोटो : अमर उजाला
जसराना पुलिस ने कटरई एवं नगला शादी के मध्य बबूल के जंगलों में सोमवार की रात अवैध हथियार बनाने की फैक्टरी पकड़ी है। इस दौरान पुलिस ने मौके से बीस बने व 15 अधबने तमंचे और हथियारों को बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है। वहीं दो लोग भागने में सफल रहे। एसएसपी ने बताया कि आगामी पंचायत चुनाव में इन पकड़े गए हथियारों के प्रयोग की प्रबल संभावना थी।
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फिरोजाबाद के एसएसपी सचिंद्र पटेल
- फोटो : Facebook
एसएसपी सचिंद्र पटेल ने पत्रकारों को बताया कि जसराना पुलिस को अवैध हथियारों की फैक्टरी संचालित होने की सूचना मिल रही थी। एसपी देहात राजेश कुमार सिंह, सीओ जसराना प्रीति सिंह के निर्देशन में टीम को सक्रिय किया गया था। 21 सितंबर की रात को एसएचओ जसराना अनूप कुमार भारतीय, अपराध निरीक्षक रंजीत कुमार सिंह ने हमराही टीम के साथ कटरई एवं नगला शादी के मध्य बबूल के जंगल में छापा मारा।
इस दौरान अवैध शस्त्र बनाने की फैक्टरी पकड़ने के साथ तीन लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मौके से दो साथी भागने में सफल रहे। पुलिस ने उनके कब्जे से 13 तमंचे 315 बोर, तीन पौनियां 315 बोर, तीन पौनियां 12 बोर, एक तमंचा 12 बोर और 15 अधबने अवैध हथियार पकड़े हैं। साथ ही इनको तैयार करने के अन्य उपकरण भी बरामद किए हैं।
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अवैध शस्त्र बनाने की फैक्टरी पकड़े जाने की जानकारी देते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
गिरफ्तार लोगों ने अपने नाम मानपाल पुत्र अनूप सिंह और पूरन पुत्र नाथूराम निवासी एटा थाना पिलुआ नगला सुंदर एवं हाल निवासी चंदननगर एत्माद्दौला आगरा तथा सर्वेश बघेल पुत्र रक्षपाल सिंह बघेल निवासी जसराना कटरई बताए हैं। एसएसपी ने बताया कि ये सभी लोग पहले भी एटा के पिलुआ व शिकोहाबाद से जेल जा चुके हैं। वहीं, भागे आरोपियों में नसीरपुर थाना के बलारपुर के राजेश पुत्र दाऊदयाल, नगला शादी के हाकिम पुत्र गजराज सिंह शामिल हैं। शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
अवैध शस्त्रों का जखीरा मिलने की जानकारी लेते एसएसपी फिरोजाबाद
- फोटो : अमर उजाला
आसपास के जिलों में करते थे हथियारों की सप्लाई
एसएसपी सचिंद्र पटेल ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि पकड़े गए लोग हथियारों की सप्लाई एटा, आगरा, मैनपुरी, इटावा, फर्रुखाबाद के साथ कन्नौज, औरैय्या सहित पास के जिलों में करते थे। वे एक तमंचा को तीन से पांच हजार रुपये और पौनिया को पांच से सात हजार रुपये में बेचते थे।