फिरोजाबाद में वर्ष 2022 जाते-जाते एक परिवार को ऐसा दर्दनाक दे गया, जिसे पीड़ित परिवार कभी भुला नहीं सकता। बुधवार सुबह लोग जागे तो हर कोई जसराना के गांव पाढ़म में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर चर्चा करता दिखाई दिया। हर किसी की जुबां पर एक ही बात थी, ऊपर वाले के आगे किसकी चली है। अग्निकांड ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। आगरा की लपटों ने छह जिंदगियों को लील लिया। इसके बाद भी अफसर हादसों को रोकने के लिए कोई प्रयास करते दिखाई नहीं दे रहे।
कस्बा हो या फिर सुहागनगरी के प्रमुख बाजार अथवा बहुमंजिला इमारतें। जिम्मेदार विभाग के अफसरों की अनदेखी के बीच जहां रातों रात बहुमंजिला इमारतों में बिना अनुमति तलघरों का निर्माण कराया जा रहा है। जिम्मेदार विभाग के अफसरों की लापरवाही किसी दिन हादसे का कारण बन सकती हैं। सबसे अधिक तलघरों का निर्माण कमर्शियल भवनों में किया जा रहा है।
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घटनास्थल पर पुलिस और दमकल कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इन इमारतों में आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त इंतजाम तक नहीं है। इसके साथ ही इन इमारतों के ऊपर परिवार भी निवास करते है। इमारतों में निकासी व प्रवेश को एक ही गेट होता है।
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दमकल की गाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
सवाल खड़ा होता है कि कभी इमारतों में तलघर के ऊपर बनी दुकानों में हादसा हुआ तो ऊपर की मंजिल में रहने वाले लोग आग की लपटों से बच नहीं पाएंगे और उनको अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा। कस्बा पाढ़म में हुआ हादसा भी अफसरों की अनदेखी का कारण माना जा रहा है।
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घटनास्थल पर पुलिस और स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
जिम्मेदार विभाग के अफसरों की अनदेखी के बीच जहां संकरी गलियों में बहुमंजिला इमारतों का निर्माण हो गया। वहीं इन इमारतों में आग से निपटने के लिए पर्याप्त साधन नहीं है।