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आरव हत्याकांड: 27 सेकंड में मासूम को आठ बार जमीन पर पटकने वाला विराज दोषी करार, आज सुनाई जाएगी सजा; पूरी कहानी

Fri, 10 Jul 2026 12:49 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद

सार

फिरोजाबाद के आरव हत्याकांड में कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया है। आरोपी ने 27 सेकंड में मासूम को आठ बार जमीन पर पटका था। पुलिस ने वारदात के महज छह दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल की थी। 
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Firozabad Aarav Murder Case - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बीते 30 मई को फिरोजाबाद के शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में सड़क पर आठ बार पटककर डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। आरोपी को आज सजा सुनाई जाएगी। सीसीटीवी में कैद हुई घटना का वीडियो देशभर में वायरल हुआ था। मामले में बृहस्पतिवार को जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक (निवासी शेखूपुर, सिविल लाइंस, बदायूं) को दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत शुक्रवार को दोषी को सजा सुनाएगी।

पुलिस दोपहर करीब ढाई बजे विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को जेल से अदालत लेकर पहुंची। अभियोजन और बचाव पक्ष के सामने अदालत ने आरोपी को बच्चे की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने कहा, अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्य पूर्ण हैं। घटना जघन्य है। दोषी करार दिए जाने के बाद जब पुलिस विराज को जेल ले जा रही थी तो उसके चेहरे पर सजा का खौफ नजर आ रहा था। मृतक आरव की नानी भी अदालत पहुंची थीं।

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आरव की हत्या के बाद सदमे में मां - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह है मामला
यादव कॉलोनी में 30 मई की दोपहर विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने रिश्ते की भाभी रति से शादी करने की जिद पूरी न होने पर उनके डेढ़ साल के मासूम बेटे आरव को सड़क पर बेरहमी से आठ बार पटका। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी को देर रात गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी। 


 
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आरव की हत्या के बाद मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी विराज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मूलरूप से अरांव निवासी रति देवी की शादी फरवरी 2024 में बदायूं निवासी सुमित कुमार से हुई थी। पति से अनबन के कारण वह 5 महीने से मायके में रह रही थीं। इसी का फायदा उठाकर सुमित के फुफेरे भाई विराज ने रति को भरोसे में लेना शुरू कर दिया। बाद में उसने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसे रति ने ठुकरा दिया। 
 

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firozabad murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
30 मई को रति अपनी मां पिंकी देवी के साथ कानूनी राय लेने शिकोहाबाद आई थी। आरोपी विराज भी वहां पहुंच गया था। वह आरव को टॉफी दिलाने के बहाने बाहर ले गया और घर से 50 मीटर दूर सुनसान सड़क पर महज 27 सेकंड के भीतर वारदात को अंजाम दे डाला। इसके बाद बच्चे के शव को दरवाजे पर फेंककर भाग गया था।
 
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माता-पिता के साथ आरव - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वारदात के महज छह दिन के भीतर पुलिस ने दाखिल कर दी थी चार्जशीट
आरव हत्याकांड में पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने के लिए पुलिस ने शुरुआत से ही कमर कस ली थी। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर अनुज कुमार ने की। वारदात के छह दिन के भीतर ही पुलिस ने अकाट्य साक्ष्यों के साथ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी, जो 5 जून को अदालत में कमिट हो गई थी। जिला जज की अदालत में रिकॉर्ड समय में 15 जून से गवाहियां शुरू हुईं। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष कुल 13 महत्वपूर्ण गवाह पेश किए गए।

 
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गमजदा आरव की नानी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अभियोजन पक्ष ने कुल 13 गवाह पेश किए, सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट रहे अहम साक्ष्य
मासूम आरव की हत्या में अदालत ने सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को अहम साक्ष्य माना था। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ था कि आरव के सिर और छाती की सभी हड्डियां पूरी तरह चकनाचूर हो गई थीं।

 
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आरव की हत्या के बाद गमगीन परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने चोटों की तीव्रता के आधार पर अनुमान लगाया था कि जब आरोपी विराज ने मासूम को पहली बार हवा में उछालकर पक्की सड़क पर दे मारा तभी आरव के स्कल (खोपड़ी) के सभी जोड़ खुल गए थे और वह तुरंत अचेत (बेहोश) हो गया था। 

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मासूम को सड़क पर पटकता आरोपी - फोटो : वीडियो ग्रैब
इसके बाद दूसरी या तीसरी पटक में ही उसकी मौत हो गई होगी। मगर, विराज के सिर पर हैवानियत सवार थी और उसने बच्चे को आठ बार पटका था। यह पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई थी। पुलिस ने दोनों ही साक्ष्यों व कॉलोनी के लोगों को चश्मदीद के तौर पर कोर्ट में पेश किया था, जिन्हें अदालत ने अकाट्य सबूत माना था।

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बेसुध हुई आरव की मां रति - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां की मांग- कातिल विराज को मिले सिर्फ फांसी
अदालत की ओर से विराज पाठक को दोषी ठहराए जाने के बाद मृतक आरव की मां रति ने रोते हुए कहा, उस कातिल ने मेरे कलेजे के टुकड़े को तड़पा-तड़पा कर मारा है। मुझे कोर्ट के फैसले पर पूरा भरोसा है। मेरी बस एक ही मांग है कि मेरे बेटे के हत्यारे को सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा होनी चाहिए।
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आरव की ननिहाल बामई में शोकाकुल महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इधर, क्षेत्र के लोग भी इस जघन्य हत्याकांड के दोषी को कड़े से कड़ा दंड दिए जाने की उम्मीद जता रहे हैं। पुलिस ने छावनी बना दिया न्यायालय परिसर जघन्य हत्याकांड के प्रति जनता के रोष को देखते हुए एसएसपी स्तर से न्यायालय सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। आरोपी को जब कोर्ट में लाया गया तो वह भी वैशाखी के सहारे ही आया। दरअसल, मुठभेड़ में उसके दोनों पैर में गोली लगी थी।
 
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