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अमोनिया गैस रिसाव: दमकलकर्मियों ने दिखाया साहस, बचाईं कई जानें; कुछ देर और कंट्रोल न होता तो मच जाती तबाही

Fri, 13 Mar 2026 11:32 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस रिसाव के बाद दमकल टीम ने जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद वाल्व बंद कर गैस रिसाव रोका गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने टीम का तालियां बजाकर स्वागत किया।
 
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आगरा में अमोनिया गैस लीक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आगरा के कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस के रिसाव के बाद पूरी गांव को खाली करा दिया गया। सूचना पर बाह और फतेहाबाद से दमकल पहुंची। मगर कर्मचारियों के बाद ब्रीदिंग एप्रेटस नहीं थे। गांव में घुसना भी मुश्किल हो रहा था। डेढ़ घंटे बाद सीएफओ देवेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे। उनके साथ तीन दमकल भी थीं। उनके साथ 6 कर्मचारियों ने ब्रीदिंग एप्रेटस पहने। इसके बाद कोल्ड स्टोरेज में प्रवेश किया। अमोनिया गैस सिलिंडर के वाल्व को ढूंढना आसान नहीं था। सभी कर्मचारी अपने ऊपर पानी डालते हुए अंदर घुसे। तकरीबन 15 मिनट की चुनाैती के बाद वाल्व बंद कर गैस का रिसाव रोक दिया।

सीएफओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि वह कई कोल्ड स्टोरेज में गैस का रिसाव देख चुके हैं। पिनाहट में गैस रिसाव की सूचना पर वो गांव पहुंच गए। गैस की वजह से रास्ता रोक दिया गया था। वह विभागीय वाहन में नहीं थे। इस कारण पुलिस और ग्रामीणों ने रास्ता रोक दिया। बाद में अपना परिचय देने के बाद गांव की तरफ आए। उन्होंने एफएसएसओ विनय, हवलदार उदयभान, सिपाही आकाश सहित 5 कर्मचारियों के साथ ब्रीदिंग उपकरण पहने। इसमें आधा घंटे का समय लग गया। बाद में कोल्ड स्टोरेज के अंदर गए। वह खुद रेस्क्यू की कमान संभाले हुए थे। एक तरफ कर्मचारी चले गए तो दूसरी तरफ से वो पहुंचे।

 
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आगरा में अमोनिया गैस लीक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अमोनिया गैस अधिक मात्रा में सांस से लेने पर हालत बिगड़ सकती है। गैस को कम करने के लिए कर्मचारियों ने पानी का पाइप लगाया। इससे अपने ऊपर पानी की बाैछार करते रहे। इसके बाद जहां पर सिलिंडर लगा हुआ था, वहां पर पहुंचे। उसके वाल्व को बंद कर दिया। इसमें तकरीबन 15 मिनट का समय लगा। सीएफओ ने बताया कि सिलिंडर से जा रहे फ्लैश पाइप के टूटने की वजह से रिसाव हुआ था। यह काफी पुराना था।

 
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दहशत में गांव छोड़कर भागते ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव के लोगों ने टीम के लिए बजाईं तालियां
दमकल कर्मचारी आधा घंटे बाद कोल्ड स्टोरेज से बाहर आए। उन्होंने गैस का रिसाव रोकने की जानकारी दी। इस बारे में जब ग्रामीणों ने सुना तो उन्होंने तालियां बजाना शुरु कर दिया। उन्होंने टीम के साहस को सलाम किया।


 

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अस्पताल में भर्ती ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अमोनिया गैस कितनी खतरनाक
अमोनिया एक तीखी गंध वाली रंगहीन गैस है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर कोल्ड स्टोरेज, खाद और रसायन उद्योग में किया जाता है। अधिक मात्रा में इसका रिसाव होने पर यह मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

 
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गांव छोड़कर जाते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह होती है दिक्कत
आंखों में तेज जलन : गैस के संपर्क में आने से आंखों में जलन, लालिमा और पानी आने लगता है।
सांस लेने में दिक्कत: अधिक मात्रा में सांस के जरिए शरीर में जाने पर गले और फेफड़ों में जलन हो सकती है।
चक्कर और उल्टी: गैस के असर से सिरदर्द, चक्कर और उल्टी की शिकायत हो सकती है।
बेहोशी का खतरा: ज्यादा मात्रा में संपर्क होने पर व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है।
गंभीर स्थिति में जानलेवा: अत्यधिक मात्रा में अमोनिया गैस फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाकर जान के लिए खतरा बन सकती है।

 
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अस्पताल में भर्ती ग्रामीण का हाल जानते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
बचाव के उपाय
गैस की तेज गंध महसूस होते ही तुरंत उस स्थान से दूर हो जाएं।
नाक और मुंह को गीले कपड़े से ढक लें।
आंखों में जलन होने पर साफ पानी से धोएं।
तुरंत नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकीय जांच कराएं।


 
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अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग - फोटो : अमर उजाला
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिनाहट में मोहम्मद सलीम निवासी नवाबगंज बरेली, जो कोल्ड स्टोर में काम कर रहा था। पीलीभीत मंजूर अहमद (50), इकबाल (25), फईम (28), नासिर (35), उत्तराखंड का सोहेल (30), बरेली निवासी अनिल (19), अफजल (40), इरशाद (55), सागर (42), नवाबगंज निवासी रहीम (52) को दिक्कत हुई। इनके अलावा गांव कुकथरी के पार्थ (12) पुत्र रामसजन, माधव (8) पुत्र रामसजन, सोनी (25) पुत्र सुभाष, आयुषी (14) पुत्री राकेश, परी पुत्री रविकांत शर्मा, रेनू पुत्री रामसजन, पूनम पुत्री सुभाष, श्रीदेवी (50), रचना पत्नी धर्मवीर (35), ताराचंद्र (82), अनिल कुमार (50) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि सभी मरीजों को घबराहट और सांस लेने में परेशानी की शिकायत थी। उपचार के बाद सभी की हालत सामान्य है।


 
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