फिरोजाबाद में एमबीबीएस के छात्र शैलेंद्र शंखवार (24) ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में बने हॉस्टल में फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। साथी की मौत से आक्रोशित छात्रों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। मेडिकल छात्रों ने कॉलेज प्राचार्या, वार्डन तथा अन्य स्टाफ पर उत्पीड़न व अवैध वसूली का आरोप लगाया। दो घंटे तक नेशनल हाईवे को जाम रखा। एसपी सिटी के समझाने पर छात्र हाईवे से हटे लेकिन प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर धरना शुरू कर दिया जो देर रात तक जारी रहा। उधर, पिता की तहरीर पर प्राचार्या समेत पांच के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससीएसटी एक्ट में मुकदर्मा दर्ज कर लिया गया।
उत्तर क्षेत्र के मोहल्ला कौशल्या नगर निवासी शैलेंद्र शंखवार मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष का एमबीबीएस का छात्र था। सुबह दस बजे से उसका फिजियोलॉजी का पेपर था। शैलेंद्र अपने साथी गुलाब के साथ हॉस्टल के रूम नंबर 215 में रहता था। गुलाब ने शैलेंद्र से पेपर देने को चलने के लिए कहा। शैलेंद्र ने गुलाब से पांच मिनट बाद आने की बात कही थी। गुलाब पेपर देने के लिए चला गया। शैलेंद्र ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया और अंगोछे से फंदे पर लटककर जान दे दी। छात्रों को इसकी जानकारी तब हो सकी जब वह परीक्षा छूटने के बाद अपने कमरे पर लौटे।
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चिकित्सक ने छात्र को मृत घोषित किया
- फोटो : अमर उजाला
गुलाब ने शैलेंद्र को कमरा खोलने को कहा, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। इस बीच काफी संख्या में छात्र एकत्रित हो गए। छात्रों ने मोबाइल के कैमरे को दरवाजे के नीचे से अंदर डालकर देखा तो शैलेंद्र फंदे पर लटका था। छात्रों ने कमरे के दरवाजे को तोड़ दिया और शैलेंद्र को फंदे से उतारा और जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सक ने शैलेंद्र को मृत घोषित कर दिया। इससे छात्राओं में आक्रोश फैल गया।
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कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे मेडिकल छात्र
- फोटो : अमर उजाला
छात्र-छात्राओं ने मेडिकल कॉलेज के स्टाफ और प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा पर शोषण करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मेडिकल छात्र हाईवे पर पहुंच गए और जाम कर दिया। सूचना पर एसपी सिटी सर्वेश मिश्रा और सीओ सिटी हरिमोहन सिंह के साथ नगर मजिस्ट्रेट मनोज कुमार पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और आक्रोशित छात्रों को समझाया। तब कहीं जाकर छात्र हाईवे से हटे।
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छात्र का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पिता ने कहा, बेटा मानसिक उत्पीड़न नहीं सह पाया
छात्र शैलेंद्र के पिता उदय सिंह का कहना है कि बेटा लगातार कॉलेज में मानसिक उत्पीड़न किए जाने की शिकायत कर रहा था। एक क्लर्क ने शुक्रवार को उसे स्कॉलपशिप फॉर्म भरने को लेकर भी परेशान किया था। उनका बेटा मेडिकल कॉलेज प्रशासन का उत्पीड़न नहीं सह पाया और जान दे दी। कहा, हाजिरी शॉर्ट होने की बात भी गलत है, जब वह हॉस्टल में ही रह रहा है तो क्लास क्यों नहीं अटेंड करेगा।
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मेडिकल के छात्रों को समझाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
छात्र की मौत के लिए प्राचार्या दोषी : विधायक
शिकोहाबाद के सपा विधायक डॉ. मुकेश वर्मा ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्या पर संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल छात्र की मौत के लिए जिम्मेदार प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही स्वास्थ्य मंत्री व प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और केंद्र व प्रदेश सरकार को पत्र लिखा था कि प्राचार्या कई तरह की अनियमितता में लिप्त हैं। इसी के चलते भविष्य के एक चिकित्सक की जान चली गई।
डीएम रवि रंजन ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में दुखद घटना हुई है। इस घटना का शासन ने भी संज्ञान लिया है। शासन स्तर पर मामले की जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही पुलिस भी स्थानीय स्तर पर जांच करेगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।