यूपी के फिरोजाबाद जिले में बाप ने क्रूरता से मासूम बेटे को मार डाला। मासूम बच्चा आरोपी से जान बचाने के लिए पूरे घर में दौड़ा, लेकिन जान नहीं बच पाई। कातिल ने तड़पा-तड़पा कर उसे मौत के घाट उतार दिया। घर की दीवारें और फर्श पर खून की छींटे मिली हैं।
यूपी के फिरोजाबाद के मोहल्ला जिजौली में सोमवार को हंसिया से ताबड़तोड़ वार कर एक पिता ने अपने 12 वर्षीय बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद पिता ने बेटे मयंक के शव को घर में ही एक बक्से में बंद कर ताला लगा दिया और भाग निकला। पति-पत्नी के बीच घरेलू कलह के साथ लंबे समय से संपत्ति विवाद चल रहा था।
पुलिस को छानबीन के दौरान आरोपी पिता राजेश के घर के पीछे खाली प्लॉट में हत्या में इस्तेमाल हंसिया और खून से सना एक बोरा बरामद हुआ। पुलिस का मानना है कि हत्यारोपी राजेश ने इसी वजह से योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मासूम मयंक की हत्या के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कमरों और रसोई तक फर्श और दीवारों पर खून बिखरा
मृतक मयंक की मां उर्मिला देवी निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। परिवार में पति राजेश कुमार राजपूत, 16 वर्षीय बेटी महिमा और 12 वर्षीय बेटा मयंक राजपूत थे। उर्मिला के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 3 बजे जब वह स्कूल से घर लौटीं तो सीढ़ियों से लेकर कमरों और रसोई तक फर्श और दीवारों पर खून बिखरा था। कक्षा पांच में पढ़ने वाला बेटा मयंक लापता था।
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मासूम मयंक की हत्या के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मयंक ने जिंदा रहने के लिए किया था काफी संघर्ष
सूचना पर पहुंची पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्टोर रूम में रखे एक बंद बक्से से मयंक का लहूलुहान शव बरामद किया। घर के हर हिस्से में खून के छींटे इस बात की गवाही दे रहे थे कि मयंक ने जिंदा रहने के लिए काफी संघर्ष किया।
फर्श को साफ करने और बक्से को पानी से धोने की कोशिश
हत्यारे ने साक्ष्य मिटाने के लिए फर्श को साफ करने और बक्से को पानी से धोने की भी कोशिश की थी। पत्नी का आरोप है कि पति राजेश ने ही इस हत्या को अंजाम दिया है। लंबे समय से संपत्ति को लेकर उससे विवाद चल रहा था।
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सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपी बाप
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटे के ट्यूशन जाते ही बेटे को मार डाला
पुलिस का अनुमान है कि राजेश ने योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। वह बेटी महिमा के ट्यूशन जाने का इंतजार कर रहा था ताकि मयंक घर में अकेला रहे। बेटी के जाते ही उसने मयंक पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
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घर में फैला खून
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि आरोपी पिता की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। बच्चे के मामा की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
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मासूम मयंक की हत्या के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिर से लेकर पेट किए 20 से 25 वार
हत्यारे ने मयंक के सिर से लेकर पेट तक 20 से 25 वार हंसिए से किए। पुलिस के अनुसार, बच्चे के सिर में आठ से दस वार के निशान, कान, चेहरे, हाथ, पेट, सीने समेत शरीर के अन्य हिस्सों पर हंसिए से वार करने के निशान मिले हैं।
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मासूम मयंक की हत्या के बाद विलाप करती मां और बहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खाने से पहले दे दी मौत
बच्चे की मां ने पुलिस को बताया कि बेटा स्कूल ड्रेस बदलने के बाद रसोई में खाना लेने ही गया होगा तभी हत्यारे ने उस पर हमला किया। वह स्कूल से आकर सबसे पहले खाना खाता था। हत्यारे ने उसे खाना तक नहीं खाने दिया।
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मासूम मयंक की हत्या के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस का ब्लड रूटमैप आया काम, बक्से में मिला शव
मक्खनपुर इंस्पेक्टर चमन शर्मा ने बताया कि पुलिस को शुरुआत में मयंक का शव नहीं मिला था। घर में चप्पा-चप्पा छानने के दौरान पुलिस ने दीवारों और फर्श पर बिखरे रक्त के निशानों का एक रूटमैप तैयार किया। इन निशानों का पीछा करते हुए पुलिस स्टोर रूम में रखे बक्से तक पहुंची, जिसमें ताला लगा था। ताला तोड़ने पर अंदर मयंक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
मासूम मयंक की हत्या के बाद जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साक्ष्य मिटाने की नाकाम कोशिश
कातिल पिता ने अपनी करतूत छिपाने के लिए हर संभव कोशिश की थी। उसने हत्या के बाद बोरे से जगह-जगह से खून साफ किया और जिस बक्से में शव रखा था उसे भी पानी डालकर धोया ताकि बदबू या खून के निशान बाहर न आएं। हालांकि, एफएसएल टीम ने सूक्ष्म निशानों के आधार पर पूरी वारदात का खुलासा कर दिया।