हाथरस माइनर में पानी और किसान बिल में संशोधन की मांग को लेकर गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन भानु ने अनिश्चितकालीन आंदोलन करते हुए टूंडला-एटा मार्ग को जाम कर दिया। हालत ये रहा कि सुबह से लेकर शाम तक एटा रोड पर वाहनों की आवाजाही बंद रही।
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प्रदर्शन करते किसान
- फोटो : अमर उजाला
किसानों के आंदोलन को देखते हुए सर्किल के सभी थानों की फोर्स के अलावा पीएसी को बुलाना पड़ा। लिखित में मांगों को माने जाने की बात को लेकर अधिकारियों और यूनियन के पदाधिकारियों के बीच खींचतान बनी रही।
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प्रदर्शन के दौरान किसान यूनियन के पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय किसान यूनियन भानु ने पूर्व में ही हाथरस माइनर में पानी छोड़े जाने और किसान बिल संशोधन किए जाने को लेकर आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। तय समय तक हाथरस माइनर में पानी नहीं छोड़ा गया, जिससे किसानों का आक्रोश बढ़ता गया और गुरुवार सुबह 11 बजे भाकियू भानु के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों पदाधिकारियों के साथ किसान रजावली पर एकत्र हो गए। किसानों ने वहां से नगला बीच स्थित माइनर की ओर रवाना हो गए।
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किसानों से बातचीत करते पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
टूंडला-एटा रोड को जाम करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। एसडीएम राजेश कुमार वर्मा, सीओ देवेंद्र कुमार, तहसीलदार डॉ. गजेंद्र पाल सिंह ने आंदोलन को समाप्त करने के लिए भानु के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह से कई बार वार्ता की लेकिन बात नहीं बनी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब तक माइनर में पानी नहीं आएगा उनका आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर तैनात पुलिस-पीएसी
- फोटो : अमर उजाला
योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि किसान बिल में संशोधन किया जाए। देर शाम अधिकारियों और भानु के पदाधिकारियों बीच वार्ता में पानी की मांग पूरी करने के लिए आठ दिन का समय दिया गया और धरना समाप्त किया गया। इस दौरान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजकुमार सिंह, प्रदेश अध्यक्ष ठा. योगेश प्रताप सिंह, प्रदेश महासचिव सुनील सिंह, प्रदेश सचिव सुरेश भाटिया, ओमवीर यादव, राष्ट्रीय सचिव जीतू सोलंकी, संगठन मंत्री अजय राठौर आदि मौजूद रहे।