मौसम में परिवर्तन के साथ ही जिले में आंख की एलर्जी और आईफ्लू के मरीज बढ़ रहे हैं। बढ़ते संक्रमण के चलते जिला अस्पताल में नेत्ररोग विशेषज्ञ के यहां मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में भी नेत्र रोगियों की संख्या बीते कुछ दिनों से बढ़ी है। विशेषज्ञ डाक्टरों की मानें तो पर्यावरण में बदलाव के चलते एलर्जी और आईफ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
बीते कुछ दिनों से आंख में एलर्जी के साथ ही आईफ्लू के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुज कुमार सिंह का कहना है कि मौसम में हुए परिवर्तन के चलते आखों में एलर्जी और आईफ्लू की समस्या शुरू हुई है। डॉक्टर ने कहा कि आंखों में होने वाले इस संक्रमण को हल्के में ना लें। जरा भी दिक्कत होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टरों से संपर्क करें। क्योंकि समय से उपचार ना होने पर आंख की रोशनी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह से उनके पास 100 से लेकर 150 मरीज प्रतिदिन एलर्जी और आईफ्लू की दिक्त के चलते पहुंच रहे हैं। जिन्हें हर संभव उपचार दिया जा रहा है।
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आंखों की जांच करते चिकित्सक
- फोटो : अमर उजाला
भजनानंद नेत्र चिकित्सालय में भी पहुंच रही भीड़
शहर के भजनानंद नेत्र चिकित्सालय में भी बीते एक सप्ताह से एलर्जी और आईफ्लू के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। यहां तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जयनरायण बताते हैं पर्यावरण परिवर्तन के कारण एलर्जी और आईफ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ी है। उनके पास प्रतिदिन 100 से 125 मरीज प्रतिदिन उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि एलर्जी और आईफ्लू को अनदेखा ना करें। समय से उपचार न मिलने पर आखों की रोशनी जा सकती है।
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rubbing eyes
एलर्जी के लक्षण
- आंख में खुजली होना
- आंख से पानी आना
- आंख करकराना
- आंखें लाल होना
- आंख में कीचड़ आना
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नेत्र रोग विभाग में मरीजों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
बचाव के उपाय
1- धूल मिट्टी से आंख का बचाव रखें
2 - धूल मिट्टी वाले स्थान पर काम करते समय काले चश्में का प्रयोग करें
3- विशेषज्ञ डॉक्टर की राय के बिना आंख में कोई दवा ना डालें
4- अनावश्यक रूप से अधिक रोशनी और धूल भरे स्थानों पर ना जाएं
5- समय से उपचार में लापरवाही आंख की रोशनी खो सकती है