रुनकता हाथी सेंटर में झारखंड से 19 वर्ष के हाथी को इलाज के लिए लाया गया है। बुधवार को झारखंड के रांची जिले से 19 वर्षीय रामू नाम का हाथी को वन विभाग की टीम ने पकड़ा है। जिसके पैरों में काफी चोटें लगी हुई हैं। वन विभाग की टीम ने हाथी को इलाज के लिए यहां स्थित हाथी सेंटर में भेजा। जहां उसका इलाज किया जा रहा है। एक्सरे में उसकी हड्डियों में भी चोटें मिली हैं। जानिए हाथी सेंटर की विशेषताएं...
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हाथी सेंटर में रामू नाम का हाथी
- फोटो : अमर उजाला
रामू के पैरों में चोटें देखकर चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू कर दिया है। एक्सरे की रिपोर्ट चौकाने वाली निकली। उसकी हड्डियों में गंभीर चोट निकली हैं। चिकित्सक उसे उपचार देने में जुट गए हैं।
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जंबो पूल में हाथी
- फोटो : wildlifesos
मथुरा के फरह क्षेत्र में यमुना नदी के किनारे बनाए गए हाथी अस्पताल में बीमार हाथियों को हाइड्रोथेरेपी दी जा रही है। इसके के लिए जंबो पूल बनाया गया है। इसमें उच्च दाव वाले जलपात्र के माध्यम से हाथियों के गठिया, जोड़ों के दर्द और पैरों की बीमारियों का उपचार किया जा रहा है।
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जंबो पूल में हाथी
- फोटो : wildlifesos
वन विभाग के सहयोग से वाइल्ड लाइफ एसओएस संस्था द्वारा बनाया गया जंबो पूल 11 फीट गहरा है। इसमें पानी के अंदर दीवारों में कुल 21 उच्च दबाव जेट स्प्रे लगे हैं, जो हाथी के ऊपर पानी का दबाव बनाते हैं और रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में मदद करते हैं।
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जंबो पूल में हाथी
- फोटो : wildlifesos
वन्य जीव पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. यदुराज ने बताया कि हाथियों के पैरों के दर्द व सूजन आदि के लिए हाइड्रोथेरेपी के माध्यम से उपचार किया जा रहा है, जो एक पूरक उपचार है।
देश के एकमात्र हाथी अस्पताल में गजराज के इलाज के लिए वायरलेस डिजिटल एक्स-रे, लेजर ट्रीटमेंट, डेंटल एक्स-रे, थर्मल इमेजिंग और अल्ट्रासोनोग्री जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं हैं।