कोरोना महामारी के कारण देश में लगे लॉक डाउन के कारण पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के द्वारिकाधीश मंदिर में भी देखा गया। लॉक डाउन में मंगला आरती के दर्शनों को आम श्रद्धालुओं के लिए प्रतिबंध कर दिया गया। दस माह के बाद मंगलवार की सुबह हुई मंगला आरती के दर्शन के लिए पहुंचे भक्त अपने आराध्य के दर्शन पाकर भाव विभोर हुए।
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द्वारिकाधीश मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि विगत वर्ष 25 मार्च से देश में लगे लॉकडाउन का असर मंदिरों में भी देखा गया था। मंदिरों में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध कर दिया था जबकि मंदिर के अंदर ठाकुरजी की सभी सेवाएं चलतीं रहीं। सोमवार को मंदिर प्रबंधन द्वारा दो फरवरी से आम भक्तों के लिए मंगला आरती के दर्शन खोले जाने की घोषणा के बाद मंगलवार सुबह भक्त अपने आराध्य के दर्शन के लिए पहुंचे।
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ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार सुबह 6.30 से 7 बजे तक मंगला के दर्शन हुए। मंदिर प्रबंधन के द्वारा दर्शन खुलने के साथ ही मंगला की आरती करा दी गई। भक्त भी अपने आराध्य की मंगला आरती के दर्शन कर कृतार्थ हुए।
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ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने कहा कि सुबह मंगला के दर्शन खुलने के साथ ही ठाकुरजी की आरती इस लिए करा दी गई, जिससे मंदिर में लोगों की भीड़ एकत्रित ना हो सके। आज पहला दिन होने के कारण कम संख्या में लोग दर्शन के लिए आए। उन्होंने बताया कि मंदिर की परिक्रमा पर अभी प्रतिबंध रहेगा।
द्वारिकाधीश मंदिर में भक्तों की भीड़ का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
जर्जर मार्ग से छिल रहे भक्तों के पांव
आराध्य के दर्शन की अभिलाषा लिए ठाकुरजी के दर पहुंचने वाले भक्तों के पैर छिल रहे हैं। द्वारिकाधीश मंदिर के बाहर पेयजल लाइन बिछाई जा रही है। इस कारण सड़क को खोदकर पटक दिया गया है। काम धीमि गति से चलने के कारण रोड बुरी तरह जर्जर है। इस कारण अपने आराध्य के दर्शन के लिए नंगे पैर आने वाले भक्तों के पैर छिल रहे हैं।