फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन में बिगड़ी द्वारिकाधीश मंदिर की आर्थिक स्थिति, खर्च चलाने को तुड़वानी पड़ी एफडी

Sun, 20 Sep 2020 10:04 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
विज्ञापन
1 of 5
ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर - फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में हर कोई विषम परिस्थितियों से जूझ रहा है। भगवान के मंदिर भी इससे अछूते नहीं हैं। पहले लॉकडाउन के कारण लंबे समय तक मंदिर बंद रहे और अब अनलॉक में श्रद्धालुओं की संख्या बहुत कम हो गई है। इसका असर मंदिरों में आने वाले दान और चढ़ावे पर पड़ा है। ब्रज के कई मंदिरों की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर में कर्मचारियों को वेतन देने व अन्य खर्च चलाने के लिए प्रबंधन को एफडी तक तुड़वानी पड़ीं।
विज्ञापन

2 of 5
द्वारिकाधीश मंदिर मथुरा - फोटो : Amar Ujala
मथुरा स्थित पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर के पट लॉकडाउन के पहले चरण से ही भक्तों के लिए बंद हो गए थे। इसके बाद अनलॉक के पहले चरण में मंदिर भक्तों के लिए खोला गया, लेकिन कोरोना के कारण श्रद्धालुओं की संख्या बहुत कम हो गई। 
विज्ञापन

3 of 5
द्वारिकाधीश मंदिर मथुरा - फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने का असर द्वारिकाधीश मंदिर के दान और चढ़ावे पर पड़ा है। आय कम होने से मंदिर के आर्थिक हालत ठीक नहीं है। मंदिर प्रबंधन को कर्मचारियों व अन्य खर्चों के लिए जमापूंजी तक निकलनी पड़ी है।

4 of 5
ठाकुर द्वारिकाधीश महाराज - फोटो : अमर उजाला
द्वारिकाधीश मंदिर के विधि सलाहकार और मीडिया प्रभारी राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि लगभग 20 एफडी तोड़कर कर्मचारियों को वेतन दिया गया है। मंदिर में कुल 65 कर्मचारी हैं। हर महीने करीब चार लाख वेतन और बिजली पर खर्च होता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
बांकेबिहारी मंदिर वृंदावन - फोटो : अमर उजाला
सिर्फ द्वारिकाधीश ही नहीं मथुरा और वृंदावन के अन्य मंदिरों की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। वृंदावन का प्रमुख बांकेबिहारी मंदिर अभी भी बंद है। लॉकडाउन से पहले ब्रज के मंदिरों में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, लेकिन अब मंदिरों के आंगन सूने हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें