आगरा के शमसाबाद में सराफ मुकलेश और उनकी पत्नी लता की हत्या के बाद सोने-चांदी के जेवरात और कैश लेकर भागे कपिल और ओम बाबू ने चार दिन ऐश काटी। दोनों होटलों में ठहरते थे, रोज बीयर पीते थे। जयपुर में दोनों ने 2500 रुपये देकर बॉडी मसाज कराई। कपिल ने इस बीच 50 हजार पत्नी के खाते में जमा कराए।
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आरोपी कपिल और ओम बाबू
- फोटो : अमर उजाला
दोनों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी है। दोनों होटल से बाहर नहीं जाते थे। शराब इस डर से नहीं पी कि नशे में कुछ बोल न दें। होटल में कमरा बुक करने से पहले देखते थे कि उसमें डिजीटल लॉकर है या नहीं। लॉकर होने पर ही बुकिंग कंफर्म करते थे। पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी। जहां पहुंचती, वहां से निकल चुके होते। एक जगह एक ही दिन रुकते थे। पुलिस कोटा पहुंची तो पता चला कि दोनों निकल चुके हैं।
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आगरा के पुलिस अधिकारी
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शनिवार सुबह लोकेशन फतेहपुर सीकरी की आई। बस यहीं पर उन्हें पुलिस की दूसरी टीम ने पकड़ लिया। दोनों घर पर कह गए थे कि नौकरी करने जा रहे हैं। अच्छी नौकरी मिलने पर ही लौंटेंगे, चिंता मत करना। कपिल ने पत्नी से फोन पर कहा कि नौकरी मिल गई है, 50 हजार एडवांस मिले हैं, इन्हें तुम्हारे खाते में जमा करा दिया है।
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हत्याकांड की जानकारी देते एडीजी व एसएसपी
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लूट और हत्या के बाद वाल्मीकि बस्ती से होते हुए श्मशान घाट गए। वहां कोई नहीं था। थोड़ी देर आराम किया। ऑटो करके सीकरी गए। वहां होटल में ठहरे। आईडी कपिल ने दी। अगले दिन सीकरी से हिंडौन पहुंच गए। वहां होटल में ठहरे। सुबह को कैला देवी पहुंच गए। मंदिर गए तो कपिल बैग लेकर बाहर खड़ा रहा, ओम दर्शन कर आया। इसके बाद ओम ने बैग पकड़ा, कपिल ने दर्शन किए। कैला देवी से कार बुक करके जयपुर गए। वहां होटल में रहे। 29 को जयपुर में रहे। 30 को कोटा पहुंच गए। 31 की रात कोटा से सीकरी आ गए।
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दंपती के फाइल फोटो
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हत्यारोपी कपिल गुप्ता और ओम बाबू राठौर ने वारदात के पूरे घटनाक्रम के बारे में भी पुलिस को बताया है। दोनों की साजिश लता गुप्ता की हत्या कर लूटपाट करने की थी लेकिन यह भी तैयारी कर रखी थी कि अगर इस बीच कोई आ जाए तो उसे भी जीवित नहीं छोड़ना है। घर में जाते ही पहले लता गुप्ता की हत्या की। इसके बाद जब मुकलेश गुप्ता आए तो उनका गला घोंटा, सूजा मारा और फिर दो बार करंट लगाया। उसने अपराध आधारित एक टीवी सीरियल में जान लेने का यह तरीका देखा था। 26 जनवरी को भी दोनों हत्या और लूटपाट के लिए मुकलेश के घर गए थे। गेट खटखटाया तो लता गुप्ता आईं। उन्होंने दरवाजा पूरा नहीं खोला। बाहर से ही दोनों ने देखा कि अंदर कोई पुरुष भी है। लगा कि फंस जाएंगे, इसलिए भाग गए। 27 जनवरी की सुबह से ही उन्होंने वारदात की तैयारी कर रखी थी।
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मुकलेश (फाइल फोटो)
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27 जनवरी की सुबह साढ़े नौ बजे ही ओम बाबू रस्सी, सूजा, वायर लेकर कपिल के पास पहुंच गया था। इंतजार शाम का था। पांच बजे मुकलेश गुप्ता दुकान से घर के लिए चल दिए। घर पर सोना, चांदी और कैश रखकर वह मंदिर चले गए। तभी सात बजे कपिल और ओम बाबू ने उनके घर में प्रवेश किया। लता से बोले कि अंगूठी के दस हजार रुपये देने के लिए आए हैं। लता ने गेट खोल दिया। किचन में चाय उबल रही थी। वह गैस बंद करने के लिए गई। दोनों वहीं पहुंच गए। गैस बंद की। लता को किचन से खींच लिया।
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हत्यारोपियों से बरामद माल के साथ पुलिसटीम
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रसोई के बाहर ही उन्होंने लता की गला दबाकर हत्या कर दी। ओम बाबू ने हाथ पकड़े कपिल ने रस्सी से गला घोंट दिया। ओम बाबू ने गले में सूजा मारा। लता के पास की अलमारियों की चाबी थी। हत्या के वक्त यह गिर पड़ी। दोनों ने चाबियां लीं। इसके बाद एक-एक कर अलमारियां खोलनी शुरू कर दीं। मुकलेश दुकान से जो गहने और कैश लाए थे, वह मिल गया। उसे तीन बैग में रख लिया। वह चार बैग लेकर आए थे। जिसमें से एक बहुत बड़ा था। घर में घुसते ही टीवी की आवाज तेज कर दी थी। कपिल ने ओम से कहा कि यहां दो कैमरे लगे हैं, सब रिकॉर्ड हो गया होगा। ओम ने कैमरे की डीवीआर निकाल ली। तभी मुकलेश आ गए। यह देख दोनों छिप गए। मुकलेश और लता पहली मंजिल पर रहते थे।
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बदमाशों ने पैर में बांधा करंट का तार
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मुकलेश जैसे ही पहुंचे, ओम और कपिल ने उन्हें पकड़ लिया। रस्सी से उनका गला घोंट दिया। इसके बाद सूजा मारा, वह तड़प रहे थे। ओम को लगा कि शायद जान न निकली हो, इसलिए करंट लगाया। पहली बार में करंट लगने के बाद तार हट गया। मुकलेश मृत पड़े थे। ओम को पता नहीं था। उसने घर से ही टेप ली, वायर को पैर से चिपकाया। दूसरा सिरा प्लग में दिया। जब शरीर में कोई हरकत नहीं हुई तो तसल्ली हुई की मौत हो गई है। उनकी
रिवॉल्वर लूट ली।
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पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी व बरामद सामान
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मुकलेश की मौत हो जाने के बाद तीनों बैग, डीवीआर और रिवॉल्वर बड़े बैग में रखी और चल दिए। रात हो चुकी थी। लगभग पौने आठ का समय रहा होगा। 15 मिनट बाद दूध वाले दोनों भाई आए। टीवी की आवाज तेज थी। उन्हें लगा कि दंपती टीवी देख रहे हैं। वह दूध का डब्बा रखकर चले गए। अक्सर ऐसा ही करते थे, अगर लता दूध लेने नहीं आती थीं, तो डब्बा जीने के बाद ही रख जाते थे। वह बाद में उठा लेती थीं।
शमसाबाद में सराफ मुकलेश और उनकी पत्नी की हत्या कर की गई 4.76 करोड़ की लूट ताजनगरी की सबसे बड़ी वारदात थी। शासन तक में हड़कंप मचा था। इसका खुलासा भी सबसे बड़ा हुआ। यह पहला मौका है जब किसी वारदात में इतनी बड़ी रिकवरी हुई हो और सारे मुल्जिम एक ही बार में पकड़े गए हों। जितने गहने लुटे थे, वे सौ फीसदी मिल गए। इस खुलासे पर पुलिस पर इनामों की बौछार हो गई है। डीजीपी ने कहा है कि खुलासे में शामिल पूरी टीम को उनकी ओर से मेडल दिया जाएगा। एडीजी अजय आनंद ने 25 हजार का नगद पुरस्कार दिया गया है। आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है। शमसाबाद सराफा कमेटी ने एक लाख का नगद इनाम पुलिस टीम को दिया है। व्यापारी नेता टीएन अग्रवाल ने एसएसपी बबलू कुमार, आईजी ए सतीश गणेश और एडीजी अजय आनंद को खुलासे के लिए माला पहनाई। शमसाबाद के व्यापारियों और मुकलेश गुप्ता के रिश्तेदारों ने पुलिस लाइन में मिठाई बांटी।