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योगिता हत्याकांड: आरोपी डॉक्टर का खौफनाक कुबूलनामा- वो किसी और की हो जाए, बर्दाश्त नहीं था

Fri, 21 Aug 2020 12:07 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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योगिता की हत्या का आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी - फोटो : अमर उजाला
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पीजी की छात्रा डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या में गिरफ्तार किए गए डॉक्टर विवेक तिवारी ने पुलिस पूछताछ में हत्या के तरीके से लेकर वजह तक की जानकारी दी। उसने बताया कि योगिता उससे दूरी बना रही थी, उसे लगा कि वो किसी और को चाहने लगी है। उसे यह बर्दाश्त नहीं था कि वो किसी और की हो जाए। इसलिए उससे फोन पर कहा, चाहे फिर कभी न मिलना, लेकिन आखिरी बार मुलाकात के लिए आ जाओ, कुछ बात करनी है। उसे कार में ले गया। उसे पूछा कि उससे शादी करेगी या नहीं? उसके इनकार करते ही, जान ले ली।
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योगिता की हत्या का आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी - फोटो : अमर उजाला
क्षेत्राधिकारी (सीओ) कोतवाली चमन सिंह चावड़ा ने विवेक से हुई पूछताछ का ब्योरा दिया। विवेक मंगलवार शाम तकरीबन साढ़े छह बजे वह आगरा आया। डॉ. योगिता नूरी गेट पर राहुल गोयल के मकान में किराये पर रहती थी। उसके घर के बाहर पहुंचकर 7:30 बजे  फोन किया। सिर्फ इतना कहा कि आखिरी मुलाकात के लिए आ गया हूं, बाहर आओ। योगिता फोन पर बात करते हुए बाहर आई। विवेक ने उसे अपनी काले रंग की टाटा नेक्सान कार में बिठा लिया। इसका फुटेज भी मिला है।
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योगिता का हत्यारोपी विवेक तिवारी और योगिता का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
योगिता ने थप्पड़ मारा, मैंने गला दबा दिया
कार में बैठते ही योगिता आग बबूला हो गई। उसने कहा, तुमसे कभी बात नहीं करूंगी, तुमने मुझे इस्तेमाल किया है, मैं तुमसे नफरत करती हूं, मेरी जिंदगी से चले जाओ। विवेक ने बताया कि हम प्रतापुरा तक पहुंच चुके थे। उससे कहा, आखिरी बार पूछ रहा हूं, मुझसे शादी करोगी या नहीं। योगिता ने गाल पर थप्पड़ मारकर, मेरे सिर के बाल पकड़ लिए और चिल्लाकर कहा, नहीं.. नहीं.. सौ बार सुन लो नहीं। मैंने जोर से उसका गला दबा दिया।

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योगिता गौतम (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
पहले सिर में गोली मारी, फिर चाकू 
विवेक ने बताया कि वो पिता की लाइसेंसी रिवाल्वर लोड करके लाया था। गला दबाने से जब योगिता नहीं मरी, तो उसके सिर में गोली मार दी। यह पार नहीं हुई। उसे लगा कि शायद मरी नहीं है, इसलिए चाकू से सिर में उसी घाव पर प्रहार किए जो गोली से बना था। इसके बाद कई जगह प्रहार किए। तब तक फतेहाबाद रोड पर पहुंच चुके थे। गाड़ी सड़क किनारे करके उसकी हत्या की। इसके बाद आगे बढ़ गया। डौका क्षेत्र के बमरौली गांव के समीप शव डालकर फरार हो गया। 
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आरोपी डॉक्टर विवेक तिवारी - फोटो : अमर उजाला
'अगर योगिता से शादी करता... तो मेरी बहन कुंवारी रह जाती' 
विवेक ने बताया कि योगिता अनुसूचित जाति से थी। वो ब्राह्मण है। वह योगिता से शादी करना चाहता था लेकिन इससे पहले अपनी बहन नेहा के हाथ पीले करना चाहता था। उसे लगता था कि अगर पहले अपनी शादी कर ली तो बहन की शादी नहीं हो पाएगी। लोग कहेंगे कि उसने एससी से शादी की है, बहन के रिश्ते नहीं आएंगे। इस कारण योगिता से कह रहा था कि थोड़ा और रुक जाओ, लेकिन वह उसकी बातों को फरेब समझ रही थी। उसने कह दिया कि तुम फरेबी हो, तुमसे रिश्ता नहीं रखना है। विवेक ने बताया कि उसे लगा कि योगिता किसी और की हो जाएगी, यह सोचकर उसे बहुत गुस्सा आता था। इसी में हत्या की साजिश बना ली। 
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योगिता गौतम को दी गई श्रद्धांजलि - फोटो : अमर उजाला
11 साल का रिश्ता, पल भर में खत्म कर दिया 
विवेक और योगिता के बीच दोस्ती का रिश्ता 2009 से था। इसी साल मुरादाबाद के तीर्थकर मेडिकल कॉलेज में योगिता ने एमबीबीएस में दाखिला लिया था। विवेक एक साल सीनियर था। दोनों की दोस्ती के बाद बातचीत शुरू हो गई। एमबीबीएस के बाद दोनों मेडिकल ऑफिसर बन गए। योगिता इटावा में तैनात हुई। विवेक जालौन में। योगिता ने एमएस के लिए नौकरी छोड़ दी। विवेक करता रहा। 15 अगस्त को योगिता का एमएस का रिजल्ट आ गया। विवेक ने बताया कि इससे उसका तनाव और बढ़ गया। उसे लगा कि अब तो योगिता को उससे भी अच्छा रिश्ता मिल जाएगा, इसलिए उससे शादी नहीं करेगी। 
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योगिता के पिता और भाई से जानकारी लेते एसएसपी बबलू कुमार - फोटो : अमर उजाला
'हम एससी, वह ब्राह्मण, उससे कैसे करता बिटिया की शादी' 
योगिता के पिता अंबेश कुमार ने बताया कि बिटिया ने एक बार बताया था कि विवेक शादी का दबाव बना रहा है। इस पर उससे फोन पर बात की। वह जिद कर रहा था। उसे समझाया कि वो ब्राह्मण परिवार से है, वे लोग एससी (अनुसूचित जाति) हैं। समाज में दूसरी जाति में विवाह को अच्छा नहीं माना जाता है। अगर शादी हो गई तो लोग विरोध करेंगे, आगे बहुत परेशानियां आएंगी। इसलिए यह शादी नहीं हो सकती है। उससे कहा था कि बेटी को परेशान करना बंद कर दे। लेकिन वह नहीं माना। हमें पता नहीं था कि वह बेटी की जान ले लेगा। अगर वह शादी का प्रस्ताव लेकर आता, परिवार को साथ लाता, तो उनसे बात करते, उन्हें भी समझाते। अगर उनकी तरफ से सभी लोग राजी होते, तो हम शादी करने पर विचार भी कर लेते लेकिन उसने तो इसका मौका ही नहीं दिया। 
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