ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय बताती हैं कि दिवाली पर खरीदारी करने के लिए 17 अक्तूबर को सर्वार्थ सिद्ध योग और शिव योग का महासंयोग रहेगा। इस दिन घर को सजाने की वस्तुएं, बर्तन,चांदी का समान खरीदना लाभप्रद रहेगा।
ताजनगरी में धनतेरस की धूम है। बाजार दुल्हन की तरह सजे हैं। दीपोत्सव धन, संपदा और वैभव का पर्व है। धनतेरस को सोना, चांदी और बर्तन की खरीदारी करने का विधान है। माना जाता है कि इस दिन सोना-चांदी खरीदने से घर में सुख-समृद्घि और वैभव का वास होता है। इस बार दीवाली से पहले ही सर्वार्थ सिद्ध योग, शिव योग और गुरु- पुष्य नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। ऐसे में खरीदारी करना काफी लाभकारी सिद्ध होगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस बार दिवाली तक हर दिन ही खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त हैं।
ज्योतिषाचार्य डॉ. एचके पराशर बताते हैं कि धनतेरस तक खरीदारी के लिए हर दिन शुभ रहेगा, जबकि दो दिन पुष्य, तीन सर्वाद्ध सिद्ध और शिव योग, रवि योग, अमृतसिद्धि व सिद्धि योग रहेगा। ये योग खरीदारी के साथ नए कार्य और धार्मिक अनुष्ठान आदि के लिए मंगलकारी और समृद्धिदायक होते हैं। शुभ योग में वाहन, प्रॉपर्टी, ज्वेलरी, इलेक्ट्र्रॉनिक खरीदना लाभकारी होता है।
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धनतेरस आभूषण देखती युवती
- फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय बताती हैं कि दिवाली पर खरीदारी करने के लिए 17 अक्तूबर को सर्वार्थ सिद्ध योग और शिव योग का महासंयोग रहेगा। इस दिन घर को सजाने की वस्तुएं, बर्तन,चांदी का समान खरीदना लाभप्रद रहेगा। 18 अक्तूबर को पुष्य योग और सिद्ध योग का संयोग है।
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धनतेरस बर्तनों की खरीदारी करते लोग (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धनतेरस के दिन सर्वार्थ सिद्ध योग एवं अमृत सिद्ध योग है। इस दिन खरीदी हुईं सभी वस्तुएं जैसे कार, घर का सामान, इलेक्ट्रॉनिक सामान, घर सजाने की वस्तुएं आदि लाभदायक और धनदायक रहेंगी।
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धनतेरस: जौहरी बाजार में सजावट
- फोटो : अमर उजाला
इस दिन बन रहा ये योग
17 अक्तूबर: सोमवार को अहोई अष्टमी है। इस दिन नक्षत्र पुनर्वसु स्वामी बुध है। शिव योग बन रहा है।
18 अक्तूबर: सुबह से अगले दिन की सुबह तक मंगल पुष्य नक्षत्र का योग बन रहा है। 19 अक्तूबर: पुष्य नक्षत्र स्वामी चंद्रमा है, सावित्री योग बन रहा है जो काफी शुभ है।
20 अक्तूबर: नक्षत्र अश्रलेषा स्वामी सूर्य शुभ योग है।
21 अक्तूबर: नक्षत्र माघ स्वामी सूर्य है। शुभ समय सुबह 7:30 बजे से 10:30 बजे तक लाभ बेला और अमृत बेला का योग रहेगा। इसके अलावा दोपहर 12 से 1:30 बजे तक शुभ बेला और शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक चंचल बेला, इसके बाद रात्रि 10:30 बजे तक लाभ बेला रहेगा। पूरे दिन शुभ योग हैं।
23 अक्तूबर: इस दिन धनतेरस रहेगी। नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी स्वामी बुध है। शुभ समय सुबह 9 बजे से लाभ बेला, 10:30 बजे के बाद 12 बजे तक अमृत बेला। 1:30 बजे से 3 बजे तक शुभ बेला शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक शुभ बेला शाम 7:30 बजे के बाद अमृत बेला र हेाग। योग एंद्र शुभ है। इस दिन पूरे दिन सर्वार्थ सिद्ध योग और अमृत सिद्ध योग रहेगा।
24 अक्तूबर: चौदस नक्षत्र हस्त स्वामी बुध रहेगा। इसके साथ ही चित्रा नक्षत्र भी है। विकुंभ योग रहेगा।