स्वास्थ्य विभाग जहां सरकारी अस्पतालों में बेहतर उपचार देने की बात कर रहा है। वहीं सीएचसी और पीएचसी पहुंचने वाले मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। मैनपुरी के कस्बा गोधना स्थित सीएचसी पर डायरिया से पीड़ित बच्चे को न तो यहां तैनात डॉक्टरों ने उपचार दिया और न ही बच्चे को हायर सेंटर के लिए रेफर करते हुए एंबुलेंस उपलब्ध कराई। एक घंटे तक मां बच्चे को अस्पताल की रैंप पर ही लिटाए रही। बाद में किसी की मदद से वह बच्चे को किसी प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गई।
गांव भुगाई निवासी कुसमा देवी अपने आठ वर्षीय पुत्र शिवा को डायरिया की शिकायत होने पर सीएचसी गोधना लेकर पहुंचीं। यहां मौजूद डॉक्टर ने उन्हें यह कहते हुए वापस कर दिया कि किसी बाल रोग विशेषज्ञ को जाकर दिखाएं। इस बच्चे के लिए यहां उपचार संभव नहीं है। कुसमा देवी के आठ वर्षीय पुत्र को न तो डॉक्टरों ने कोई दवा दी और न ही उसे भर्ती कर एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई।