जनवरी की सर्दी सितम ढहा रही है। ऐसे में इंसान तो कांप ही रहे हैं, भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए तरह-तरह के जतन किए जा रहे हैं। मथुरा के मंदिरों में ठाकुरजी को ठंड न लग जाए, इसलिए उनके भोग में भी बदलाव किया गया है। भाव सेवा के अनुरूप भक्त अपने लाडले की सेवा कर रहे हैं। सर्दी बढ़ने के साथ ही ठाकुरजी के खानपान से लेकर उनके पहनावे में भी बदलाव आ गया है। ठाकुरजी को जहां गर्म खाद्य पदार्थ निवेदित किए जा रहे हैं, वहीं रात में रजाई ओढ़ाई जा रही है। तपिश देने के लिए उनके शयन कक्ष में अंगीठी भी रखी जा रही है।