वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में फूल-माला और भोग-प्रसाद ले जाने की अनुमति मिलने से दुकानदारों के चेहरों पर रौनक आ गई है। मंदिर के आसपास के दुकानदार इससे बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि सात माह बाद अब दुकानदारी हो सकेगी। कोरोना संक्रमण के चलते करीब सात माह बंद रहे बांकेबिहारी मंदिर के पट खुलने के बाद भी स्थानीय दुकानदार मायूस थे। मंदिर प्रबंधन ने भक्तों को मंदिर में फूल-माला और भोग-प्रसाद ले जाने की अनुमति नहीं दी थी।
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्त
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को मंदिर प्रबंधन ने भक्तों को फूल-माला और भोग-प्रसाद ले जाने की छूट प्रदान कर दी। इससे दुकानदारों के चेहरे खिल उठे। मंदिर के आसपास भोग-प्रसाद और फूलों की दुकान सजाए बैठे दुकानदार बेहद खुश हैं। हालांकि रविवार को अधिकांश लोग बगैर भोग-प्रसाद और फूलों के ही मंदिर में दर्शन करते नजर आए। दुकानदार इसकी जानकारी श्रद्धालुओं को दे रहे थे।
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फूल खरीदती श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
दुकानदार वेदप्रकाश ने बताया कि सात माह बाद दुकान पर ग्राहकों की आमद शुरू हुई है। शनिवार को मंदिर में प्रसाद ले जाने की अनुमति दी गई है। इससे लोग अब ठाकुर जी के लिए प्रसाद ले जा रहे हैं। इससे दुकानदारी हो रही है।
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फूल खरीदती श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
दुकानदार माधवदास ने कहा कि अच्छा लग रहा है कि ग्राहक खरीदारी कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधन ने अच्छा फैसला लिया है। दुकानदार सोनू ने बताया कि रविवार को फूलों की बिक्री हुई है। अभी तक तो दुकान ही नहीं लगा रहे थे। अब निरंतर स्थिति सामान्य होने से अच्छा लग रहा है।
बता दें कि कोरोना काल में बांकेबिहारी मंदिर के पट लगातार सात महीने से ज्यादा वक्त तक बंद रहे। अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से मंदिर के पट भक्तों के लिए नियमित रूप से से खुलने लगे। इससे एक बार फिर वृंदावन की गलियां राधे-राधे के जयकारों से गूंजने लगी हैं।