उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जब वे इमरजेंसी में पहुंचे, इसी बीच मुख्य गेट पर 65 साल की एक महिला करीब 20 मिनट तक उपचार के लिए तड़पती रही। वार्ड ब्वॉय भी नहीं पहुंचे, तो परिजन ही महिला को व्हीलचेयर से इलाज के लिए ले गए।
उपमुख्यमंत्री के निरीक्षण के वक्त शहर के मोहल्ला करहल रोड निवासी संजय ने उप मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि उसके भाई मुकेश की हालत गंभीर है वह हार्ट का मरीज है उसे उपचार दिलाया जाए। उप मुख्यमंत्री ने सीएमएस से उसे भर्ती कर उपचार देने की बात कही। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में हृदयरोग विशेषज्ञ नहीं है। इसके बाद मुकेश को रेफर कर दिया गया। डिप्टी सीएम ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती विनोद कुमार के 10 वर्षीय पुत्र सोहिल की मां से उपचार के बारे में जानकारी ली। सोहिल की मां विनीता ने उन्हें बाहर से कराया हुआ अल्ट्रासाउंड दिखाया। यह देख मुख्यमंत्री ने सीएमएस से पूछा यह बाहर से क्यों कराया गया, तो उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। इसके बाद वे आगे बढ़ गए।