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Agra News: उप मुख्यमंत्री वार्ड गए नहीं, मरीजों से मिले नहीं..., 12 मिनट में निरीक्षण खत्म

Sun, 11 Sep 2022 07:02 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निरीक्षण करते डिप्टी सीएम - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक का एसएन मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण महज औपचारिक रहा। महज 12 मिनट में निरीक्षण खत्म हो गया। निर्माणाधीन सुपर स्पेशियलिटी सेंटर देखा और वहां से सीधे लौट गए। वे किसी वार्ड में नहीं गए और किसी मरीज से हाल भी नहीं पूछा। चंद मिनट के उनके दौरे से एसएन स्टाफ को सुकून मिला, लेकिन मरीजों को निराशा हाथ लगी। 

उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक शनिवार की शाम 5:24 बजे सुपर स्पेशियलिटी सेंटर पहुंचे। यहां प्राचार्य ने मॉडल दिखाया। दूसरी-तीसरी मंजिल पर ऑपरेशन कक्ष, वार्ड और इमारत का अन्य हिस्सा देखा। उप मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों से बात की, नीचे लौटे और 5:36 बजे रवाना हो गए। उन्होंने एसएन मेडिकल कॉलेज में किसी भी वार्ड का निरीक्षण नहीं किया। यहां तक एमजी रोड पर एसएन इमरजेंसी का भी हाल नहीं देखा। 
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रोते हुए महिला ने बताया कि उसके बेटे को खून की जरूरत - फोटो : अमर उजाला

खून लेने आई तीमारदार को गार्ड ने रोका

उप मुख्यमंत्री का काफिला आने से चंद मिनट पहले गार्ड ने तीमारदार महिला को रोक दिया। रोते हुए महिला ने बताया कि उसके बेटे को खून की जरूरत है। ब्लड बैंक में बिना डोनर के खून नहीं दे रहे थे। इस पर चिकित्सक ने बड़े साहब से हस्ताक्षर करवाने के लिए कहा है। गार्ड ने कहा कि अभी साहब आने वाले हैं, तब तक एक किनारे खडे़ रहो। महिला देर तक रोती रही। कुछ देर बात लौट गई।
 
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जानकारी लेते डिप्टी सीएम - फोटो : अमर उजाला

दिसंबर तक निर्माण, जनवरी से मिलेगा उपचार

200 करोड़ रुपये से बन रही सुपर स्पेशियलिटी सेंटर का निरीक्षण करने के बाद उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर तक इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और जनवरी से इसमें गंभीर रोगों का उपचार मिलना शुरू हो जाएगा। सभी की अलग-अलग ओपीडी लगेंगी। चिकित्सकीय स्टाफ की भी नियुक्ति हो रही है। मरीजों को गंभीर रोगों के लिए दिल्ली, जयपुर, लखनऊ के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
 

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बच्चे को गोद में ले जाते परिजन - फोटो : अमर उजाला

एक घंटे तक मरीज को रोका, प्राचार्य ने कराया एक्सरे

उप मुख्यमंत्री के आने से पहले मरीज और तीमारदार को बाहर आने से रोक दिया। ऐसे में घड़ी वाली इमारत में भर्ती मरीज का एक्सरे कराने के लिए शकुंतला स्ट्रेचर पर लेकर उन्हें आईं। वहां गार्ड ने रोक दिया। करीब घंटे भर वहीं खड़ी रहीं। प्राचार्य को इसकी जानकारी हुई तो स्टाफ को फटकार लगाई और कहा कि विभाग में ही एक्सरे हो जाएगा। उन्हें भेजकर एक्सरे करवाया। 
 
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वार्ड बॉय नहीं मिला - फोटो : अमर उजाला

स्ट्रेचर और वार्ड बॉय नहीं मिला 

 सिकंदरा राऊ निवासी हरिओम अपने भाई मयंक को आग से झुलसे हालत में लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज आए थे। सर्जरी विभाग में शिफ्ट करने के लिए कोई नहीं था। हरिओम का आरोप है कि स्ट्रेचर नहीं मिला और वार्ड बॉय नहीं था। पूछने पर बताया कि उप मुख्यमंत्री आए हैं, सभी वहां पर हैं। ऐसा ही दूसरा मामला सिरसागंज के विद्याराम का है, ये मरीज को भर्ती कराने के लिए आए, लेकिन वार्ड बॉय नहीं मिला। ऐसे में खुद ही मरीज को स्ट्रेचर पर ले जाकर भर्ती कराया। 
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