आईयूसीएन की रेड लिस्ट में शामिल डेमोसाइल क्रेन की दस्तक से चंबल की वादियां चहक उठी हैं। मंगोलिया, चीन, कजाकिस्तान, रूस से करीब 6000 किमी उड़कर ये पक्षी आते हैं।
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आईयूसीएन की रेड लिस्ट में शामिल डेमोसाइल क्रेन
- फोटो : अमर उजाला
हर साल सितंबर में ये आ जाते थे, इस बार अक्तूबर के पहले हफ्ते में आए हैं। वनकर्मी नंदराम और सतेंद्र शर्मा ने बताया कि डेमोसाइल क्रेन को स्थानीय भाषा में कुरजां कहते हैं।
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डेमोसाइल क्रेन
- फोटो : अमर उजाला
एक बार बनाते हैं जोड़ा
डेमोसाइल क्रेन प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। जीवन में एक बार जोड़ा बनाने वाले ये पक्षी साथी की मौत पर खाना-पीना बंद कर देते हैं। जिससे प्राय: दूसरे की भी मौत हो जाती है।
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डेमोसाइल क्रेन
- फोटो : अमर उजाला
डेमोसाइल क्रेन करीब 15 दिन की देरी से चंबल में पहुंचे हैं। 6 माह के प्रवास के बाद मार्च में ये वापस जाते हैं। इनकी उम्र 20-25 साल होती है। - आरके सिंह राठौड, रेंजर, चंबल सेंक्च्युरी बाह।
चंबल सेंक्चुरी की खूबसूरत तस्वीरें
- फोटो : अमर उजाला
इनकी लंबाई करीब तीन फुट और ऊंचाई ढाई फुट होती है, डेमोसाइल क्रेन चार किलोग्राम वजन का होता है और इनके पंखों का फैलाव छह फीट तक होता है। आसमान में पांच से आठ किमी की ऊंचाई पर उड़ान में ये पक्षी सक्षम हैं।