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एटा में तीन बच्चों की मौत: पुलिस मान रही हादसा, परिवार के लोग बोले- मासूमों को मार डाला

Fri, 21 Oct 2022 09:23 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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कौशल, गोविंद और सचिन (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
एटा के नयागांव थाना क्षेत्र के गांव फकीरपुरा में तीन दोस्तों के शव बुधवार शाम मिट्टी की ढाय में दबे मिले थे। पुलिस घटना को हादसा बता रही है, जबकि परिजन हत्या की बात कह रहे हैं। उन्होंने जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

ये है मामला 

बुधवार सुबह गोविंद (13), कौशल (13) और सचिन (12) घर से निकले थे। शाम तक घर नहीं पहुंचने पर उन्हें तलाशा गया। काफी तलाश के बाद वह कहीं नहीं मिले। गांव के बाहर मिट्टी का ढेर देख गांव वालों ने मिट्टी हटाई तो तीनों उसमें मृत हाल में दबे हुए मिले। देर रात अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा, उपजिलाधिकारी अलीगंज मानवेंद्र सिंह, सीओ विक्रांत द्विवेदी मौके पर पहुंचे। परिजनों को ढांढस बंधाया और हादसे की पूरी पड़ताल की।

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पोस्टमार्टम ग्रह पहुंचे परिवार के लोग - फोटो : अमर उजाला

पेड़ पर टंगे थे कपड़े 

गांव के प्रेम सिंह ने बताया कि बेटा कौशल बुधवार शाम तक घर नहीं पहुंचा तो उसे तलाशने निकले। एक जगह उसकी चप्पल और पेड़ पर कपड़े टंगे हुए दिखाई दिए। टीले के पास मिट्टी का उभार दिखा। इसे हटाया तो सबसे पहले सचिन का सिर दिखाई दिया। उसके नीचे गोविंद और किशोर का शव था। तीनों ही एक के नीचे एक दबे हुए थे। इससे उसकी हत्या की आशंका है। वहीं मृतक गोविंद के पिता लाल बहादुर ने बताया कि सुबह बेटा खेत पर पढ़ने जाने की कह रहा था। पत्नी ने उसे नाश्ता कराया। 10 रुपये भी दिए। उसके कपड़े पेड़ पर मिले। उसकी नाक से खून भी निकल रहा था। इससे हत्या की आशंका है।
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बच्चों के शव आने के बाद गांव में लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला

हर आंख हुई नम

नया गांव थाना क्षेत्र के गांव फकीरपुरा में तीन दोस्तों की मौत से बुधवार और बृहस्पतिवार को घरों में चूल्हे नहीं सुलगे। मृतकों के घरों से करुण क्रंदन गूंजता रहा। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव में पहुंचे चीत्कार मच गई। शाम को शवों के अंतिम संस्कार के लिए उठते ही हर आंख नम हो गई। आसपास के लोगों का गांव में तांता लग गया।

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घटनास्थल पहुंचे एसपी - फोटो : अमर उजाला

मिट्टी की ढाय ने निगल लिया घर का इकलौता चिराग

कौशल परिवार में दो बहनों के बीच अकेला भाई था। उसकी मौत से घर में मातम पसरा हुआ है। माता-पिता सदमे में हैं। बहनों के आंसू नहीं रुक रहे हैं। गोविंद के दो भाई और तीन बहनें हैं। सचिन का एक भाई और तीन बहनें हैं। इन परिवारों में भी गमगीन माहौल है।
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एक साथ दफनाए गए तीनों बच्चे - फोटो : अमर उजाला

एक साथ दफनाए तीनों के शव

कौशल, सचिन और गोविंद अच्छे दोस्त थे। इनमें से दो एक ही स्कूल में पढ़ते थे। तीनों ही किशोर अधिकांश समय साथ रहते थे। मौत भी साथ में आई और इसके बाद उन्हें एक साथ ही दफन किया गया। बृहस्पतिवार को काली नदी के किनारे जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदकर तीनों के शव दफना दिए गए। इस दौरान वहां अधिकारियों सहित गांव के लोगों की काफी भीड़ रही।
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