कासगंज जिले में एक बेटी ने पिता की अर्थी को न सिर्फ कंधा दिया बल्कि चिता को मुखाग्नि देकर उन रूढ़ियों को तोड़ा है, जिन पर समाज सिर्फ बेटों का हक होने की दुहाई देता है। पिता की मौते होने पर बेटी ने न केवल परिवार की हिम्मत बंधायी बल्कि मृत्योपरांत किए जाने वाले क्रियाकर्मों को निभान का संकल्प भी लिया। 'अपराजिता नारी' का परिचय देने वाली इस बेटी के आत्मबल की क्षेत्रभर में चर्चा हो रही है।