आगरा में थाना चित्राहाट के नाहि का पुरा गांव में 25 मार्च की रात पूर्व प्रधान राम प्रकाश के बेटे सुनील कुमार (44) का सिर कुचलकर हत्या की गई थी। सुनील के बेटे अनुज ने गांव के ही अनवर को हत्या में नामजद किया था। मंगलवार को चित्राहाट पुलिस ने बेटे अनुज, बेटी अल्पना, उसके प्रेमी और प्रेमी के दोस्त को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा किया। पुलिस की मानें तो संपत्ति के विवाद में बेटे-बेटी समेत इन्हीं चार लोगों ने हत्या की साजिश रचकर उसे अंजाम दिया। पुलिस ने चारों को जेल भेज दिया है।
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पुलिस हिरासत में हत्यारोपी
- फोटो : अमर उजाला
थानाध्यक्ष चित्राहाट महेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि मृतक के बेटे अनुज ने हत्या में गांव के ही अनवर को नामजद किया था। इसके पीछे 21 मार्च को अनवर के बेटे विजय और अनुज के बीच विवाद में अनुज के साथ मारपीट किया जाना बताया गया था। आरोपी अनवर की तलाश में जुटी पुलिस की टीमों के हाथ कई अहम सुराग लगे। जिससे यह खुलासा हुआ।
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मृतक सुनील कुमार का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
एसओ के मुताबिक मृतक सुनील कुमार संपत्ति बेच-बेच कर अपने शौक पूरे कर रहा था। हाल ही में छह बीघा जमीन का 20 लाख रुपये में सौदा किया था। जिसका विरोध करने पर सुनील कुमार ने बेटे अनुज और बेटी अल्पना के साथ मारपीट की थी। इस पर अनुज और अल्पना ने सूरजनगर गांव के संजेश के साथ मिलकर पिता सुनील की हत्या की साजिश रची। अल्पना के प्रेमी संजेश और उसके दोस्त सूरजनगर के मदन यादव ने वारदात को अंजाम दिया। सुनील को चारपाई के पाये से सिर कुचलकर मौत के घाट उतारा गया था।
आगरा पुलिस ने पकड़े हत्या के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को इंस्पेक्टर बाह विनोद कुमार पवार, एसओ जैतपुर योगेंद्र पाल सिंह, एसओ चित्राहाट महेंद्र सिंह भदौरिया, सर्विलांस टीम के प्रभारी नरेंद्र कुमार की टीम ने मदन यादव को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर खून से सना चारपाई का पाया भी बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक मृतक की पत्नी आशा देवी के बयान के बाद उसके बेटा-बेटी की वारदात में लिप्त होने की बात सामने आई थी। संपत्ति के विवाद में आए दिन हो रहे गृहक्लेश के बीच 21 मार्च को गांव में बच्चों के विवाद में अनुज का अनवर से झगड़ा हुआ। इसी घटना को आधार बनाकर अनुज और अल्पना ने अपने पिता सुनील की हत्या की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक अल्पना के छह साल से सूरज नगर के संजेश से प्रेम संबंध है। अल्पना की खातिर संजेश ने अपने ही गांव के दोस्त मदन यादव को हत्या करने के लिए तैयार किया। बुधवार की रात को संजेश की फोन कॉल पर ही मदन सुनील की हत्या करने के लिए पहुंचा। हत्या के बाद गली से निकलकर खेत में खून से सने पाये को फेंक दिया था।
मृतक का फाइल फोटो और विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
नामजद हत्यारोपी अनवर को पुलिस ने पकड़कर कड़ाई से पूछताछ की थी। पूछताछ में अनवर ने पुलिस को बताया था कि सुनील की हत्या के बाद वह मौके पर पहुंचा था। मृतक का शव चारपाई से उसने ही उठवाकर जमीन पर रखवाया था। उसके बाद सुनील के परिजनों की कानाफूसी पर वहां से निकल गया था। मृतक की पत्नी से पूछताछ से मिले अहम सुराग से पुलिस इस वारदात का खुलासा करने में कामयाब रही। हत्या में नामजद निर्दोष अनवर जेल जाने से बच गया।