फिरोजाबाद जिले के कोंड़रा गांव में बुधवार को मगरमच्छ आने से हड़कंप मच गया। ये मगरमच्छ गांव के पास ही पानी से भरे गड्ढे में घूम रहा था। ग्रामीणों की जब इस पर नजर पड़ी तो वे दहशत में आ गए। वन्यजीव संरक्षण संस्था वाइल्डलाइफ एसओएस ने गांव से लगभग चार फुट लंबे मगरमच्छ का रेस्क्यू किया। उत्तर प्रदेश वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में मगरमच्छ को सफलतापूर्वक पकड़ने के बाद में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
बुधवार की रात को फिरोजाबाद जिले में स्थित कोंड़रा गांव के पास एक मगरमच्छ देखा गया। गड्ढे में भरे पानी में मगरमच्छ को देख गांव के निवासी हैरान रह गए और तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद वाइल्डलाइफ एसओएस को भी हेल्पलाइन पर अवगत कराया गया। आवश्यक बचाव उपकरणों से लैस, वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट ने स्थान तक पहुंचने के लिए करीब 100 किमी की दूरी तय की। सभी मानक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, टीम ने सावधानीपूर्वक चार फुट लंबे मगरमच्छ को बाहर निकाला। मगरमच्छ को स्वस्थ पाया गया और वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में उपयुक्त आवास में छोड़ दिया गया।
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मगरमच्छ
- फोटो : Wildlife SOS
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि पहले भी फिरोजाबाद जिले से अनेक मगरमच्छ पकड़े हैं। लोगों में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। हालांकि, आधी रात में मगरमच्छ को देखना किसी को भी अचंभित कर सकता है।
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मगरमच्छ
- फोटो : Wildlife SOS
उन्होंने कहा कि 'हमारा उद्देश्य लोगों को उन कारणों से अवगत कराना है, जो मगरमच्छों को मानव बस्तियों के समीप आने के लिए मजबूर करते हैं, जिससे इस प्रजाति के संरक्षण में सहायता मिल सके।'
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मगरमच्छ
- फोटो : Wildlife SOS
वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एमवी ने बताया कि मगरमच्छ अक्सर तालाब, नदि, झील और दलदल सहित मीठे पानी में पाए जाते हैं और वे अधिक उपयुक्त आवास की तलाश में भूमि पर काफी दूरी तय कर सकते हैं।