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मैनपुरी दोहरा हत्याकांड: 'शैतान' से छोटी बेटी को बचाने के लिए मां ने छाती पर खाई गोली

Sun, 14 Apr 2019 11:15 AM IST
मुकेश कुमार नीलेश शर्मा, अमर उजाला, मैनपुरी
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मृतक मां-बेटी के फाइल फोटो
मां ममता की मूरत होती है। जब कभी भी उसके बच्चों पर कोई विपत्ति आती है तो वो उसे बचाने के लिए अपनी जान तक दे देती है। मैनपुरी जिले में ऐसी ही एक मां सीता देवी ने आखिरी सांस तक ममता का फर्ज निभाया। बेटी नीलम को बचाने के लिए उसने अपनी छाती पर गोली खाई, लेकिन बेटी को खरोंच तक नहीं आने दी। 
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घटनस्थल पर एकत्र ग्रामीण और साक्ष्य जुटाती पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
भोगांव क्षेत्र के नरसिंहपुर में शनिवार को सिरफिरा युवक जब गोली मारने के लिए पहुंचा तो मां सीता देवी, बड़ी बेटी माधुरी और छोटी बेटी नीलम खेत में मौजूद थीं। नीलम के अनुसार हत्यारोपी शैतान सिंह ने कहासुनी के बाद मां के ऊपर गोली चला दी, जिससे माधुरी और नीलम चिल्लाने लगीं। इस पर आरोपी ने दूसरी गोली चलाने के लिए तमंचा नीलम पर तान दिया, लेकिन मां ने नीलम को अपने पीछे छिपा लिया। इससे दूसरी गोली भी मां को ही लग गई, लेकिन बेटी की जान बच गई। 
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घटनस्थल पर एकत्र ग्रामीण और साक्ष्य जुटाती पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
आखिरी सांस तक मां ने बेटी को बचाने के लिए जंग लड़ी। मां जमीन पर गिरी तो उसने अपनी बेटी को भी अपने पीछे गिरा लिया। इस जंग में वह अपनी जिंदगी तो हार गई, लेकिन अपनी बेटी नीलम को बचाने में सफल रही। मां और बहन की मौत के बाद छोटी बेटी नीलम का रो-रोकर बुरा हाल है। वह चीख-चीखकर कह रही है कि उसे बचाने के लिए मां उसके सामने खड़ी हो गई थी। अगर मां सामने न आती तो नीलम का बचना नामुमकिन था। ममता की इस करुण कहानी को सुनकर हर किसी की आंख नम थी। 

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मृतकों के परिजनों से जानकारी लेती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
दोहरे हत्याकांड से परिजनों के साथ ही ग्रामीणों में आक्रोश था। पुलिस ने शव उठाने की कोशिश की तो नीलम उनसे भिड़ गई। उसका कहना था कि पहले हत्यारोपी को गिरफ्तार करो। अन्य परिजनों और ग्रामीणों ने भी विरोध किया। पुलिसकर्मियों ने हमदर्दी का मरहम लगाकर आक्रोशित लोगों को शांत किया।
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घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अफसर - फोटो : अमर उजाला
गांव नरसिंगपुर निवासी माधुरी (20) अपनी छोटी बहन नीलम और मां के साथ खेतों और घर के कामकाज में दिनभर मेहनत करती थी। शैतान सिंह एक अन्य युवती की पिता के हत्या के आरोप में जेल था। वो जमानत पर आया है। ऐसे में परिजन अपनी बेटी की शादी उससे नहीं करना चाहते थे। परिजनों के अनुसार करीब छह वर्ष पूर्व शैतान सिंह ने एकतरफा प्यार में एक अन्य युवती के पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। ढाई वर्ष पहले ही वो जेल से जमानत पर छूट कर आया है। होली पर आरोपी ने माधुरी की मां सीता देवी को बेटी की शादी उससे करने के लिए धमकी भी दी थी। इस पर उसने किसी भी कीमत पर शादी नहीं करने की बात कही थी। 
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रोते बिलखते मृतकों के परिजन - फोटो : अमर उजाला
मां और बहन की हत्या से नीलम बेसहारा हो गई है। अब उसके कंधे पर दिव्यांग पिता और छोटी बहन दिव्या व छह वर्षीय भाई देवेश की जिम्मेदारी है। वैसे तो मां के साथ दोनों बहन खेतीबाड़ी कर किसी तरह घर की गुजर बसर कर ही लेती थीं। नीलम सुबह ही बाइक से सब्जियां बाजार में ले जाती और उन्हें बेचने के बाद जो पैसा मिलते थे, उससे घर की गुजर बसर होती थी। अब मां और बहन दोनों साथ छोड़ गए हैं।
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